Friday, December 4, 2009

Bilaspur me Affordable house

बिलासपुर के होउसिंग मार्केट में अभी नैनो  हाउस का चलन लगता  है राजकिशोर नगर पर बसी  BDA की कालोनी कुछ ऐसा ही बाया करती है तुलसी ,चन्दन आवास की आज की स्थिति होउसिंग बोर्ड देवरी खुर्द की कालोनी बतलाती है की बिलासपुर में भी अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट पर काम किया जा सकता है , पर बिल्डर डेवलपर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है यह बात मेरे कुछ समझ में नहीं आ रही है! या फिर शायद यहाँ पर जमीनों की कीमतों जो बड़ोतरी हुई है उस की कारण  शायद बिल्डर डेवलपर बिलासपुर के हिसाब से  मिड-प्राइज हाउसिंग या अफोर्डेबल हाउसिंग के ट्रेंड पर कोई प्रोजेक्ट नहीं लाना चाह रहे है कुछ एक दो छोटे डेवलपर्स ने प्रयास किया था पर तब मार्केट में अफोर्डेबल हाउसिंग के ट्रेंड के फंडे का बुलबुला देश की रियल्टी सेक्टर पर नहीं बना था! और उन्हों ने लोकेशन पर खास ध्यान नहीं दिया जिस कारण यह ट्रेंड यहाँ पर उन डेवलपर्स के लिए सफल नहीं हुआ! ऐसा नहीं है की बिलासपुर में प्रोपर्टी की कीमत ज्यादा है यहाँ के बस स्टैंड को हम शहर का केंद्र मानते तो यहाँ से 5 या 7   किलोमीटर दूर 1500  वर्ग फुट के प्लाट पर 725  से 850  वर्ग फुट के बिल्ड़प एरिया का मकान "1100/ प्रति वर्गफुट बिल्ड़प एरिया की दर पर आसानी से मिल रहा है! इसमें  ज्यादा तर लोकेशन बिलासपुर की नगर निगम सीमा से बाहर है!लेकिन कुछ लोकेशन जो नगर पंचायत की सीमा में आते  है! जैसे सकरी नगर पंचायत, तिफरा नगर पंचायत ,सिरगिट्टी नगर पंचायत ,बोदरी नगर पंचायत है इन नगर पंचायतो की सीमा में बहुत से प्रोजेक्ट चाल रहे है ज्यादातर ऐसी लोकेशन पर 1100/ प्रति वर्गफुट बिल्ड़प एरिया की दर से 1500 / प्रति वर्गफुट बिल्ड़प एरिया की दर तक  यहाँ  पर डेवलपर्स के रेट है मतलब यह हुआ की
 1500 वर्गफुट का प्लाट =725 वर्गफुट का बिल्ड़प एरिया
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    बिल्ड़प एरिया  725  X रेट 1100    = कुल  7 .97 .500 /
 जिसमे रजिस्ट्री और ट्रांसफार्मर का खर्च 50000/ के आसपास आता है तो कुल  आठ लाख पचास हजार में 1500 वर्गफुट का प्लाट  और 725 वर्गफुट का बिल्ड़प एरिया  में बना मकान मिल रहा है मै एक अनुमान  बता रहा हु की 1100/ प्रति वर्गफुट से 2000/ तक के रेट बिल्ड़प एरिया पर मैंने अभी तक देखे है !शहर की एक दो संपन इलाको में तो यह २५०० से ४००० वर्गफुट तक के भी है और ऐसा तो हर शहर में भी होता है संपन्न एरिया में कोई कीमत नहीं होती !!
यह पर अपार्टमेन्ट भी लोकेशन के हिसाब से 1400 /  से 2100 / प्रति वर्गफुट की दर पर मिल रहे है !पर आज यहाँ पर बात नेनो हाउस या अफोर्डेबल हाऊसिंग की है एक प्रकार से महानगरो से तुलना की जाये तो यहाँ पर अफोर्डेबल हाऊसिंग की ही ज्यादा प्रोजेक्ट चाल रहे है !चुकी यहाँ पर आमदनी महानगरो की तुलना में कम है और रोजगार भी ज्यादा नहीं इसलिये यहाँ पर यह कीमते ज्यादा लगती है ऐसा मैं सोचता या मेरा मानना है!
 यहाँ के पर आज भी एक मध्यम वर्ग जिन के परिवार ग्रामीण इलाको में रहते है उन को और उस परिवार के कुछ सदस्य यहाँ पर रहते है वो चाह कर भी ८ से ९ लाख में मकान नहीं ले सकते है यह वर्ग ३ से ५ लाख तक आसानी से आपना मकान ले सकता है और फाइनेंस भी आसानी से हो सकता है और किस्त का बोझ भी ज्यादा नहीं लगेगा अब होना क्या चाहिए जैसा मैं सोचता हु की नेनो हाउस या अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट 325  से 425 वर्गफीट के अपार्टमेन्ट होने चहिये जिस की लागत ११००/ से १२५०/ वर्गफीट तक होनी चाहिए जो की 325/वर्ग फिट का अपार्टमेन्ट जो १ बेडरूम 1छोटा सा हाल और 1छोटा सा कामन किचन और 1लेट-बाथ होना चाहिए साथ ही पार्किंग व्यवस्थित हो कुछ ऐसा प्लान हो आस पास छोटा सा कमर्शियल मार्केट स्पेस बनाना चाहिए और इस को G +6 का और G +3  के अपार्टमेन्ट हो मैं ज्यादा कुछ प्लानिंग तो नहीं कर रहा हु पर ऐसा ही कुछ होना चाहिए!बाकि भारत के वास्तुविदो ने तो ऐसे बहुत से प्रोजेक्ट पर बहुत अच्छा काम किया है मैंने नागपुर के एक पाश एरिया में कुछ सालो पहले देखा था !नैनो हाउस या अफोर्डेबल हाऊसिंग में रो हाऊसिंग भी हो जिसमे   होउसिंग बोर्ड जैसी कालोनिया बने पर उस में थोडा परिवर्तन होना चाहिए, ७५० से ८५० वर्गफुट के प्लाट पर G + १ मिला कर ४५० से ६५० वर्गफुट का सुपर  बिल्ड़प एरिया हो  और यह भी ४ से ५ लाख के बिच में हो ! जो की आम आदमी के बस का होगा हो सकता है की ऐसे प्रोजेक्ट पर डेवलपर को कुछ ख़ास फायदा ना हो पर  सरकार को भी कुछ मदत या छुट भी इन प्रोजेक्ट पर करनी चहिये तभी नेनो हाउस आप आदमी तक सुलभ होगा !ऐसा नहीं है की डेवलपरों को ऐसे प्रोजेक्ट घाटे का सौदा है अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट पर बहुत सी रियल स्टेट कम्पनियों को भारी मुनाफा हुआ है और यह आज रियल स्टेट मार्केट का नया ट्रेंड बना हुआ है !

Tuesday, December 1, 2009

Bilaspur Commercial Property Space -2

मेरा सोचना है की बिलासपुर में कमर्शियल स्पेस  की मांग कुछ सालो में ज्यादा बड़ने वाली है उस के कारण मुझको कुछ ऐसे लगते है ! अभी बिलासपुर में  एक दो ही देसी माल आये है और एक दो बन रहे है जैसे-2  बिलासपुर का जनसँख्या घनत्व बढता जा रहा है!उस का असर बिलासपुर के प्रोपर्टी  मार्केट पर भी होगा और उतनी ही मांग बड़ने वाली है ! बिलासपुर जिले से लगा पूरा कालरी एरिया,चंपा-जांजगीर, कोरबा और आस पास के छोटे शहर आज भी बिलासपुर के मार्केट से जुड़े हुए है पर यह व्वस्थित नहीं है !
यहाँ पर अभी कोई भी बड़ी देसी और विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियां  रिटेल  यहाँ नहीं आई है क्योकि रिटेल कम्पनियों में अंभी बूम नहीं है आने वाले समय में देसी रिटेल कम्पनिया भारतीवालमार्ट,बिगबाजार ,रिलायंस रिटेल, पेंटालून, रहेजा,फैब इंडिया, शॉपर्स स्टॉप्स रीबॉक, एस्पिरिट, तनिष्क, क्रोमा, द मोबाइल स्टोर,  मेट्रो कैश एंड कैरी, कैफे कॉफी डे और मैकडॉनल्ड जैसे कम्पनिया छत्तीसगढ़ में रायपुर के बाद बिलासपुर में ही अपना कारोबार बड़ा सकती है !अभी बैंकिंग सेक्टर भी बिलासपुर में बड़ने वाला है बहुत से कापोरेट कम्पनियों के दफ्तर भी खुलेंगे १० से १५ शेयर बोर्किंग कम्पनिया ही अभी यहाँ पर अपना काम कर रही है जो की कम है आने वाले सालो में यह भी ज्यादा संख्या में होगी बहुत से ब्रांडेड गारमेंट के शोरुम भी यहाँ आने वाले है ! भिलाई,रायपुर  के बाद छत्तीसगढ़ में बिलासपुर ही ऐसी जगह है जहा पर शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कुछ बेहतर है और यहाँ बहुत सी संभावना देखने को मिल सकती है आज भी छत्तीसगढ़ में हेल्थ सेक्टर में बिलासपुर और रायपुर ही आगे है तो सम्भावना भी यहाँ ज्यादा है ! 
ये मैं ऐसा ही नहीं कह रहा हु फंडा यह है की----
१- (मुम्बई) --नासिक -- पुणे --- नागपुर ,
२- (भोपाल)-- इन्दोर-- जबलपुर-- गवालियर
३-(लखनऊ) कानपुर-- इलहाबाद
एक किसी भी बड़ी कम्पनी ने अपना प्रोजेक्ट की शुरुवात मुम्बई से शुरुवात की और होते होते नागपुर में अपना प्रोजेक्ट चालू किया और  भोपाल  लखनऊ में भी ऐसा हे शुरुवात हुई
  तो रायपुर(भिलाई दुर्ग ) ---- बिलासपुर ऐसा  ही होगा ना ! 
चैन ऐसे ही बड़ते जा रही है और फंडा यही है जो प्रोजेक्ट,जो कमर्शियल स्पेस अभी रायपुर में है और जो बन रहे है वो कुछ दिनों में या  सालो में बिलासपुर में होंगे ही! कुल मिला कर कहु तो मेरा सोचना है की  बिलासपुर में  कर्पोरेट  जगत का बड़ा निवेश अभी होना बाकि है इन  कमर्शियल सेक्टर पर कुछ शुरुवात हो चुकी है पर असर अभी कुछ ज्यादा नहीं दिख रहा है
अंत में मेरा मानना है की बिलासपुर में  कमर्शियल स्पेस पर निवेश करना भविष्य को देखते हुए ठीक रहेगा यह मेरी सोच है आप निवेश करने से पहले किसी प्रोपर्टी एक्सपर्ट से सलाह अवश्य ले  ......अगले ब्लॉग में

Saturday, November 28, 2009

Bilaspur Commercial Property Space

बिलासपुर का  कामर्शियल प्रोपर्टी मार्केट में कुछ ज्यादा हलचल नहीं है जबकि यहाँ पर अभी दो बड़े शोपिंग मॉल बनने जा रहे है जिस का निर्माण कार्य चल रहा है शहर के  बिच में एक बड़े डेवलपर का बड़ा सा  कामर्शियल काम्प्लेक्स पूरा होने को है और भी बिलासपुर में करीब ८ से १०  कामर्शियल काम्प्लेक्स का निर्माण कार्य चल रहा है! नगर निगम के भी कुछ छोटे प्रोजेक्ट चल रहे है पर जिस हिसाब से बिलासपुर में कामर्शियल  प्रोजेक्ट चल रहे है वैसा बूम नहीं है! उस का कारण शायद बिलासपुर में ऑफिस स्पेस पर बहुत कम लोग ही निवेश करना चाहते है! या कह सकते है की यहाँ अभी ऑफिस स्पेस का कांसेप्ट अभी कुछ खास वर्ग के पास ही है एक आम उच्च मध्यम वर्ग का निवेशक अभी भी ऑफिस स्पेस पर निवेश नहीं कर रहा है ! यह वर्ग ज्यादा तर होउसिंग प्रोपर्टी पर निवेश करना ज्यादा पसंद करते है
मुझको ऐसा लगता है की बिलासपुर के कामर्शियल प्रोपर्टी पर ज्यादा तर बिजनस क्लास के लोग ही मुख्य निवेशक है! और वो भी जिस तरफ कामर्शियल प्रोपर्टी का बुलबुला बनता है उस के आस पास ही ज्यदा चाहे शहर से लगे बाई पास हो या फिर कामर्शियल काम्प्लेक्स हो या कामर्शियल मार्केट हो या फिर कोई नया सरकारी  प्रोजेक्ट के आस-पास.
 कामर्शियल काम्प्लेक्स में भी जब तक कोई बुलबुला नही उठता कामर्शियल स्पेस की बूम उस काम्प्लेक्स में उस के आस पास नहीं आती तब तक वहा के  प्रोपर्टी की चाल नहीं बढती! जैसा बिलासपुर का आकर बढता जा रहा है कामर्शियल स्पेस की भी मांग बढती जा रही है जैसा की अभी रायपुर रोड में हाईकोर्ट के आसपास  ऑफिस स्पेस की मांग होगी ! NTPC  सीपत बनने से  वहा पर कामर्शियल स्पेस की मांग बढनी चाहिए थी सेंट्रल यूनिवर्सिटी नया बस स्टैंड मंगला से सकरी तक उसलापुर रेल्वे स्टेशन के पास कामर्शियल स्पेस की मांग होनी चाहिए जो की है पर यह बुलबले के बूम जैसा है मंगला से उसलापुर तक रोड के आसपास १५०० से २००० वर्ग फूट की कीमत चल  रही है वहा मॉल बनने के बाद यह २५०० से ४००० भी तक भी हो जायेगी और कोई नहीं बात नहीं है! बस स्टैंड से तेलीपरा तक जो बुलबुला बना हुआ है आज वह पर ५०००/ वर्ग फुट पर भी जगह नहीं मिल रही है एक समय  तेलीपारा में एक बड़ा सा काम्प्लेक्स बनने के बाद भी वहा पर निचे की कुछ दुकानों को छोड़ कर ज्यादा खरीदार नहीं थे पर बाद में जो बुलबुला बना तो ३० लाख की शॉप १ करोड़ के आसपास की हो गई ! प्रोपर्टी मार्केट में बुलबुले तो हमेशा बनते और फूटते रहेंगे  दुबई के द वल्ड प्रोजेक्ट का हो या बिलासपुर के राजीव प्लाज़ा का इन को बनाने वाले हमेशा इस के फूटने से पहले अलग होकर कोई और जगह पर बुलबुले बनाने में लग जाते है कामर्शियल प्रोपर्टी मार्केट पर अभी और भी कुछ लिखना चाहता हु कोशिस करुगा की बिलासपुर से आगे की बात हो क्रमशा:

Tuesday, November 24, 2009

Bilaspur property market

मैं यहाँ पर आज सिर्फ प्लाट या जमीन की चर्चा कर रह हू .हम होउसिंग सेक्टर पर चर्चा बाद में करेगे !
 बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट पर कहा करे निवेश ? कोई मुझ से पूछता है की प्रोपर्टी कहा लेनी चाहिए और मेरा जवाब रहता है की आप का प्रोपर्टी लेने का मकसद क्या है! ज्यादातर लोग यह निर्णय नहीं कर पाते की उन्हों ने जो प्रोपर्टी खरीदी है उस का भविष्य में क्या उपयोग होगा ! प्रोपर्टी पर जो भी निवेश करता है उस के पीछे उस का मकसद यही होता है की भविष्य में वो तीन या चार गुना ज्यादा कीमत पर बिक जाये !या उन की प्रोपर्टी की कीमत  चार गुना हो जाये ! १०० में से 80 प्रतिशत लोग यही सोच कर प्रोपर्टी पर निवेश कर रहे है जिसमे ज्यादा तर लोगो ने छत्तीसगढ़ बनने के बाद यही किया जो बिलासपुर में आप सब के सामने है (मैं सिर्फ बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट पर चर्चा कर रहा हु ) !
अब बात मुद्दे की कहा और क्यों प्रोपर्टी निवेश करे ? बहुत से लोगो ने आज से १० से १५ सालो पहले राजकिशोर नगर, मोपका, देवरीखुर्द,तारबाहर फाटक के उस पर चुचुहियापरा,सिरगिट्टी  के पास किया था आज क्या है वह पर? आज उन की प्रोपर्टी की की कीमत तीन या चार गुना ज्यादा है पर क्या जो बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में जो बूम चल रहा है उस का फायदा उन लोगो को मिला जिन्हों ने इन जगहों पर १० से १५ सालो पहले प्रोपर्टी पर निवेश किया था !ज्यादा तर लोगो का जवाब होगा हां .... पर ऐसा नहीं है बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में जो बूम है उस का पूरा फायदा इस एरिया को नहीं मिल पाया राज किशोरनगर के BDA वाले एरिया को छोड़ कर आज भी चुचुहियापरा, सिरगिट्टी ,मोपका, देवरीखुर्द में कुछ खास डेवलपमेंट नहीं हो पाया है बहुत सी मुलभुत सुविधाए उपलब्ध नहीं होपाई है जिस कारण बिलासपुर का कोई भी बड़ा डेवलपर आपना हाउसइंग प्रोजेक्ट इन जगहों पर लंच नहीं किया कुछ डेवलपरों ने इन जगहों पर प्रयास किया है पर जो सफलता उन्हें इन जगहों को छोड़ कर मिली है उस के मुकाबले में देवरीखुर्द सिरगिट्टी  का एरिया  कुछ भी नहीं है !
आज उसलापुर मंगला बिलासपुर का सब से ज्यादा प्रोपर्टी का हॉट मार्केट है यहाँ पर जो प्रोपर्टी के रेट में बूम देखने को मिला है जिस की किसे ने भी कल्पना भी नहीं की थी और यह ऐसी जगह है जहा पर प्रोपर्टी की डिमांड भी बनी हुई है मंगला नाका से सकरी तक  प्रोपर्टी की मांग है जिस की पूर्ती बिलासपुर के एक दर्जन से भी ज्यादा बिल्डर कर रहे है जिसमे सरकारी हौसिंग मंडल  भी शामिल है ! यह प्रोपर्टी पर निवेश करने वालो के लिये एक सब से बढ़िया उदाहरण है! अब रायपुर रोड में जो जमीनों की कीमते है उस को देख कर ऐसा लगता है की आज ४०० में लिया हुआ प्लाट क्या ५ सालो के बाद  १००० फूट के ऊपर भी रेट जा सकता है ? अभी वहा पर सिर्फ हाईकोर्ट , तिफरा नगर पंचायत,नया बस स्टैंड ,कोनी-सकरी-अमसेना बाईपास ,हौसिंग बोर्ड की एक बड़ी कालोनी ट्रांसपोर्ट नगर और तिफरा ,सिरगिट्टी का पूरा औद्योगिक क्षेत्र है !
मोपका से सीपत तक क्या क्या डेवलपमेंट हुआ है NTPC चालू होने से जहा तक मुझे लगता है की कुछ नहीं पर प्रोपर्टी के दाम बड़े है ५लाख एकड़ की जमीन ८ लाख एकड़ की हो गई है और रोड से लगी हुई जमीनों का भाव बड़ा है ! मतलब की यहाँ पर निवेश करने वालो ने खेती वाली जमीनों पर एकड़ में निवेश किया है!
एग्रीकल्चर कालेज से कोनी तक जिसमे यूनिवर्सिटी के पीछे बिरकोना तक तो प्रोपर्टी के दाम बड़े है पर कुछ ज्यादा डेवलपमेंट नहीं अभी दिख रहा है सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी को छोड़ कर .... 3से 8 सालो में ख़मतराई, बहतराई, अशोकनगर सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के पीछे जुड़ जायेगे कोनी से जो बाईपास निकलने वाला है उस का फायदा ख़मतराई, बहतराई में जिन्हों ने निवेश किया है उन को मिलेगा ऐसा मेरा सोचना है!

 प्रोपटी पर निवेश करने वाले पहले यह सोचे की आप जो प्रोपर्टी खरीद रहे है उस का भविष्य में आप क्या उपयोग कर सकते है ? इसमें दो मत नहीं है की आज से १०  सालो के बाद प्रोपर्टी की कीमत बढेगी पर आप ने जो प्रोपर्टी खरीदे है क्या वो भविष्य में जब भी आप बेचना चाहे बिक पायेगी ? आज बिलासपुर में ही ऐसे बहुत से उदाहरण है प्रोपर्टी की कीमत तो है पर बिक नहीं पा रहे है! इसलिये सोच समझ कर ही प्रोपर्टी पर निवेश करे! आज अगर छत्तीसगढ़ के प्रमुख नगरो को जिनमे रायगढ़ ,रायपुर दुर्ग-भिलाई से बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट की तुलना करे तो बिलासपुर का प्रोपर्टी मार्केट सब से उचा है इन शहरों के मुकाबले बिलासपुर में प्रोपर्टी की कीमत कुछ ज्यादा है और मांग भी ज्यादा है! लिखना तो बहुत कुछ है पर अगले ब्लॉग में ..!

Thursday, November 19, 2009

बिलासपुर प्रोपर्टी

जैसा की मैंने पहले ही कहा था की दिवाली की आस पास प्रोपर्टी मार्केट में उछाल आने की उमीद है कुछ वैसा ही हुआ है पर मार्केट में होउसिंग सेक्टर को छोड़ कर कुछ ज्यादा नही दिख रहा है , पर जो अभी छत्तीसगढ़ सरकार ने खेती की जमीनों की खरीद बिक्री के सम्बन्ध में जो क़ानूनी प्रस्ताव लाने वाली है! उस को देख कर ऐसा लग रहा है की मार्च की अंत तक प्रोपर्टी बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा
या कह सकते है की जो लोग प्रोपर्टी पर निवेश करने का सोचे है वो अब ज्यादा नही सोचेगे क्योकि अब समय आगया है क्योकि अभी कानून आया नही है बाद में खेती योग्य जमीन का गैर कृषि उपयोग के लिये जमीन खरीदना मुश्किल होने वाला है ! राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार कड़े प्रावधान करेगी। भू राजस्व संहिता और रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन भी होने वाला है ! तो इन सब बातो को देख कर ऐसा लग रहा है की अब कुछ हद तक लोग खेती योग्य जमीन पर कुछ ज्यादा निवेश करने वाले है !इस का असर होउसिंग सेक्टर पर कुछ खास नही पड़ने वाला है मेरा मानना है की मार्च के अंत तक बिलासपुर का प्रोपर्टी अब तक के सब से ऊचे शिखर पर होगा इस बात का अभी शायद प्रोपर्टी ब्रोकर समझ रहे है !

Friday, September 4, 2009

Bilaspur realty market

बिलासपुर रियल्टी मार्केट : आने वाले कुछ सालो में जो भी बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में भारी उछाल आया है शायद महानगरो के प्रोपर्टी से जुडे कारोबारी यहाँ के प्रोपर्टी के रेट पर शायद विस्वास न करे ,और न ही करते है मुझको कई बार प्रोपर्टी इन्वेस्टर का फ़ोन आता है की उन को ३० हजार से ५० हजार की बिच में ५०से १०० एकर्स प्लाट चाहिए ,जब मैं उनसे यहाँ का हाल बताता हु तो किसी को विस्वास नही होता .जो भी प्रोपर्टी मार्केट में बूम आया उसका असर यहाँ पर भी पड़ा २००३ से २००८ तक जो बूम यहाँ के प्रोपर्टी मार्केट में देखने को मिला वैसा अभी कब मिलेगा पता नही ,बिलासपुर में प्रोपर्टी मार्केट का भविष्य अब सरकार की नए योजनाओ पर टिका है एक समय था जब कुछ प्रोपर्टी के ब्रोकर और इन्वेस्टरो ने जहा मन पड़ा वह आपनी कालोनिया प्लोटिंग करके बेची जिसमे मोपका देवरी खुर्द , चूचुइहीया पारा एक समय यह जगह प्रोपर्टी खरीदी बिक्री का प्रमुख की केन्द्र हुआ करता था शायद बिलासपुर के आधे से भी जादा प्रोपर्टी के ब्रोकर और इन्वेस्टरो यहाँ तो काम किया ही है जो इस मार्केट में नए है वो भी अभी राजकिशोर नगर या सीपत में काम कर रही है ।कहने का मतलब है की यह ही जगह थी जहा से बिलासपुर के प्रोपर्टी की नींव समझा जाये ..और यह ही वो एरिया है जहा जादा डेवलपमेंट नहीं हो पाया कारन साफ है की ज्यादा तर यह जगह अवेध प्लाटिंग अवेध कालोनी की भेट चढ़ गई जिसमे से कुछ कालोनिया आज भी कानूनी पचडो में फसी है ....ये तो बीते ज़माने के बात थी ...आज बिलासपुर का प्रोपर्टी मार्केट आपने चारो तरफ बूम मार रहा है राजकिशोर नगर से उसलापुर-मंगला हो या सरकंडा-खमतराई-बहतरी हो सरकंडा-कोनी हो या फिर घुरू अमेरी तिफरा होते हुए बोदरी हाई कोर्ट तक जो प्रोपर्टी के रेट में उछाल देखने को मिला है वो शायद फिर से जल्दी देखने को न मिले क्यों की जितने भी बड़े डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट इन ८ से १० सालो में आये है जो की अब कोई नया प्रोजेक्ट देखने को न मिले .क्यों की प्रोपर्टी डेवलपरो ने आपने प्रोजेक्ट के लिये जमीने तो लेली है पर कुछ ही अभी चालु कर पाए है कुछ मार्केट सुधर ने के बाद अपने प्रोजेक्ट लंच करेगे . एक प्रोपर्टी डेवलपर ने उसलापुर में जो अपना प्रोजेक्ट लाच किया है वो महा नगरो की तर्ज पर कह सकते है की कार्पोरेट रियल स्टेट कम्पनी जैसा प्रोजेक्ट रायपुर रोड में भी इस जैसा पर कुछ छोटा है एक प्रोजेक्ट चल रहा है आज बिलासपुर में एक माल करीब करीब बन चूका है दो और मल्टीप्लेक्स बन रहे है आने वाले समय में यह संख्या और बड़ने वाली है .जब की अभी कार्पोरेट रियल स्टेट कंपनियों का कोई भी प्रोजेक्ट बिलासपुर में नहीं आया है , जो की जल्दी हे आने वाला है रायपुर में बहुत से कंपनियों के प्रोजेक्ट चल रहे है खास कर नेनो हाउस (अफोर्डेबल हाउस प्रोजेक्ट ) जिसने इंडिया की रियल स्टेट मार्केट की सोच को बदल कर रख दिया ऐसे प्रोजेक्ट की बिलासपुर को बहुत जरुरत है बिलासपुर में ऐसा प्रोजेक्ट अभी तक नही बने है 275 se 425 वर्ग फिट के आवासीय परिसर प्रोजेक्ट सिर्फ़ सरकारी हाऊसिंग प्रोजेक्ट पर देखने को मिले है जो गुणवता की दृष्टि से ठीक नही रहते .और अभी तक बहुमंजिला इस वर्ग का कोई भी प्रोजेक्ट नहीं बना है .यहाँ पर बहुतो ने कोशिस की पूना जैसा फार्महाउस प्रोजेक्ट बनने की पर वृन्दावन को छोड़ कर सब अभी कगचो में ही दीखते है .बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के ऑफिस आने से कुछ सालो से यहाँ पर ऑफिस स्पेस के नाम से बहुत उछाल भी आया है प्राय-प्राय सभी बड़े छोटे काम्प्लेक्स ऑफिसों से फुल है और किराया भी ठीक छोटे महानगरो जैसा ही है कुल मिला कर बिलासपुर का रियलस्टेट मार्केट रायपुर और दुर्ग भिलाई को छोड़ कर यहाँ इन्वेस्ट करने के लिए सब से ठीक है क्यों की यहाँ पानी की ज्यदा तकलीफ नहीं है और एक बड़ा प्रोजेक्ट अरपा विकास परियोजना पर जल्द ही काम चालू होने वाला । कुल मिला कर कहा जाये तो साल की अंत तक बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में जमकर उछाल आने की संकेत दिख रहे है और मेरा मानना है दिवाली के आसपास से हाऊसिंग सेक्टर जमकर उछाल आने वाला है .

Thursday, August 27, 2009

अरपा प्रोजेक्ट बिलासपुर

बिलासपुर का अरपा प्रोजेक्ट आने वाले कुछ सालो में चालू हो जाएगा पर इस प्रोजेक्ट के साथ बहुत सी तकलीफे आने वाली है मसलन की अरपा के किनारे जो लोग रह रहे है उन का क्या होगा शायद प्रशासन को यह सब पता है यह उनकी प्लानिंग में है पर अरपा प्रोजेक्ट जैसे जैसे नज़दीक आता जारहा है कोई कार्य योजना नही दीख रही है
ऐसा मेरा मानना है .यह तो पक्का है की अरपा के किनारे जो लोग रह रहे है उसमे से बहुत से लोग प्रभावित होगे क्योकि बहुत से लोग कई सालो से बेजा कब्जा किए रह रहे है ,और बहुत से लोगो की ज़मीने इस प्रोजेक्ट की भेट चड़ने वाली है , क्या होना चाहीये जिससे की इन बेजा कब्जा और जिन की ज़मीने इस प्रोजेक्ट पर जा रही है ,मेरा मेरा मानना है की अभी से कुछ नेनो अपार्टमेन्ट जो की मुंबई में धारावी में बन रहे है उन जैसे बनाने चाहीये जिससे जिसे की जो लोग अरपा के किनारे वहा पर सालो से रह रहे है, उन्हें कहि और जाने के नाम से प्रोजेक्ट विवादों में ना आ जाए जिनकी ज़मीने जा रही है उन को भी अपार्टमेन्ट मिलना चाहीये । क्योकि अरपा केकिनारे रहते हुए बहुतो को सालो होगये है । गवाह है लन्दन की टेम्स नदी का किनारा या गुजरात का गाँधीसागर का किनारा , आने वाले समय में अरपा की ये जगह बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट सबसे ज्यादा महगी होगी शायद २०००% की ग्रोथ हो क्योकि बिलासपुर को एक साथ दो कमर्शियल + रेसीदेंशीयल बाईपास मिलने वाला है जोकि शहर के बिच से जाने वाला है हरियाली और सुन्दरता तो होगी ही , आने वाले समय में बिल्डरों व डेवलपरों की पहली पसंद अरपा के किनारे ही होगे । प्रोपर्टी खरीदने वाले भी यहाँ पर इन्वेस्ट करना पसंद करेगे , अरपा के किनारे ही बिलासपुर की अपार्टमेन्ट संसकृति आपने चरम पर होगी । जब इस प्रोजेक्ट से सब को फायदा होगा तो इसमे जो प्रभावित होगे उन की सही विस्थापन हो । बिलासपुर का अरपा प्रोजेक्ट मंत्री और विधायक श्री अमर अग्रवाल जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है , बिना अग्रवाल जी की सोच के आज अरपा प्रोजेक्ट अस्तित्व में नही आता , हमको इस प्रोजेक्ट से जो पानी की किलत है वो तो जाने वाले है पर इस का परिणाम यह होगा की बिलासपुर में पानी जादा होने से यहाँ का प्रोपर्टी मार्केट में लोग अरपा प्रोजेक्ट के नाम से इन्वेस्ट करना पसंद करेगे क्योकि पानी बहुत कीमती होता जा रहा है जिस की बिलासपुर में कमी नही होगी