Friday, September 4, 2009

Bilaspur realty market

बिलासपुर रियल्टी मार्केट : आने वाले कुछ सालो में जो भी बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में भारी उछाल आया है शायद महानगरो के प्रोपर्टी से जुडे कारोबारी यहाँ के प्रोपर्टी के रेट पर शायद विस्वास न करे ,और न ही करते है मुझको कई बार प्रोपर्टी इन्वेस्टर का फ़ोन आता है की उन को ३० हजार से ५० हजार की बिच में ५०से १०० एकर्स प्लाट चाहिए ,जब मैं उनसे यहाँ का हाल बताता हु तो किसी को विस्वास नही होता .जो भी प्रोपर्टी मार्केट में बूम आया उसका असर यहाँ पर भी पड़ा २००३ से २००८ तक जो बूम यहाँ के प्रोपर्टी मार्केट में देखने को मिला वैसा अभी कब मिलेगा पता नही ,बिलासपुर में प्रोपर्टी मार्केट का भविष्य अब सरकार की नए योजनाओ पर टिका है एक समय था जब कुछ प्रोपर्टी के ब्रोकर और इन्वेस्टरो ने जहा मन पड़ा वह आपनी कालोनिया प्लोटिंग करके बेची जिसमे मोपका देवरी खुर्द , चूचुइहीया पारा एक समय यह जगह प्रोपर्टी खरीदी बिक्री का प्रमुख की केन्द्र हुआ करता था शायद बिलासपुर के आधे से भी जादा प्रोपर्टी के ब्रोकर और इन्वेस्टरो यहाँ तो काम किया ही है जो इस मार्केट में नए है वो भी अभी राजकिशोर नगर या सीपत में काम कर रही है ।कहने का मतलब है की यह ही जगह थी जहा से बिलासपुर के प्रोपर्टी की नींव समझा जाये ..और यह ही वो एरिया है जहा जादा डेवलपमेंट नहीं हो पाया कारन साफ है की ज्यादा तर यह जगह अवेध प्लाटिंग अवेध कालोनी की भेट चढ़ गई जिसमे से कुछ कालोनिया आज भी कानूनी पचडो में फसी है ....ये तो बीते ज़माने के बात थी ...आज बिलासपुर का प्रोपर्टी मार्केट आपने चारो तरफ बूम मार रहा है राजकिशोर नगर से उसलापुर-मंगला हो या सरकंडा-खमतराई-बहतरी हो सरकंडा-कोनी हो या फिर घुरू अमेरी तिफरा होते हुए बोदरी हाई कोर्ट तक जो प्रोपर्टी के रेट में उछाल देखने को मिला है वो शायद फिर से जल्दी देखने को न मिले क्यों की जितने भी बड़े डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट इन ८ से १० सालो में आये है जो की अब कोई नया प्रोजेक्ट देखने को न मिले .क्यों की प्रोपर्टी डेवलपरो ने आपने प्रोजेक्ट के लिये जमीने तो लेली है पर कुछ ही अभी चालु कर पाए है कुछ मार्केट सुधर ने के बाद अपने प्रोजेक्ट लंच करेगे . एक प्रोपर्टी डेवलपर ने उसलापुर में जो अपना प्रोजेक्ट लाच किया है वो महा नगरो की तर्ज पर कह सकते है की कार्पोरेट रियल स्टेट कम्पनी जैसा प्रोजेक्ट रायपुर रोड में भी इस जैसा पर कुछ छोटा है एक प्रोजेक्ट चल रहा है आज बिलासपुर में एक माल करीब करीब बन चूका है दो और मल्टीप्लेक्स बन रहे है आने वाले समय में यह संख्या और बड़ने वाली है .जब की अभी कार्पोरेट रियल स्टेट कंपनियों का कोई भी प्रोजेक्ट बिलासपुर में नहीं आया है , जो की जल्दी हे आने वाला है रायपुर में बहुत से कंपनियों के प्रोजेक्ट चल रहे है खास कर नेनो हाउस (अफोर्डेबल हाउस प्रोजेक्ट ) जिसने इंडिया की रियल स्टेट मार्केट की सोच को बदल कर रख दिया ऐसे प्रोजेक्ट की बिलासपुर को बहुत जरुरत है बिलासपुर में ऐसा प्रोजेक्ट अभी तक नही बने है 275 se 425 वर्ग फिट के आवासीय परिसर प्रोजेक्ट सिर्फ़ सरकारी हाऊसिंग प्रोजेक्ट पर देखने को मिले है जो गुणवता की दृष्टि से ठीक नही रहते .और अभी तक बहुमंजिला इस वर्ग का कोई भी प्रोजेक्ट नहीं बना है .यहाँ पर बहुतो ने कोशिस की पूना जैसा फार्महाउस प्रोजेक्ट बनने की पर वृन्दावन को छोड़ कर सब अभी कगचो में ही दीखते है .बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के ऑफिस आने से कुछ सालो से यहाँ पर ऑफिस स्पेस के नाम से बहुत उछाल भी आया है प्राय-प्राय सभी बड़े छोटे काम्प्लेक्स ऑफिसों से फुल है और किराया भी ठीक छोटे महानगरो जैसा ही है कुल मिला कर बिलासपुर का रियलस्टेट मार्केट रायपुर और दुर्ग भिलाई को छोड़ कर यहाँ इन्वेस्ट करने के लिए सब से ठीक है क्यों की यहाँ पानी की ज्यदा तकलीफ नहीं है और एक बड़ा प्रोजेक्ट अरपा विकास परियोजना पर जल्द ही काम चालू होने वाला । कुल मिला कर कहा जाये तो साल की अंत तक बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में जमकर उछाल आने की संकेत दिख रहे है और मेरा मानना है दिवाली के आसपास से हाऊसिंग सेक्टर जमकर उछाल आने वाला है .

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