Thursday, December 30, 2010

प्रॉपर्टी गाइड

मैंने कुछ दिनों पहले पड़ा था  की  मध्यप्रदेश में बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में जमीन, मकान, दुकान की जानकारी प्रॉपर्टी गाइड से मिलेगी. इन शहरों के विकास प्राधिकरण उनकी अचल सम्पत्ति की ये सारी सूचनाएं लोगों को एक प्रापर्टी गाइड में उपलब्ध हो जाएँगी जानकारी के मुताबिक इंदौर विकास प्राधिकरण ने गाइड प्रकाशित कर दी है और मार्केटिंग सेल गठित कर दिया गया है. इस सेल ने एक दिसंबर से काम शुरू कर दिया . प्रापर्टी गाइड संपत्ति खरीददारों को ठगे जाने से बचने में मददगार साबित होगी. इंदौर विकास प्राधिकरण ने सितम्बर 2010 तक की स्थिति में अपनी 100 से ज्यादा योजनाओं के तहत सभी उपलब्ध और खाली विभिन्न भूखंडों, निर्मित जगहों और फ्लेट्स की जानकारी प्रापर्टी गाइड में संकलित कर ली है मुझे यह एक सार्थक प्रयास लगा 


ऐसा छत्तीसगढ़ होउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ के समस्त विकास प्राधिकारणों को करना चाहिए मेरा अब तक का रियल एस्टेट में जो अनुभव है उस के आधार पर मैं कह सकता हु की  होउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ के समस्त विकास प्राधिकारणों की प्रोजेक्ट कहा कहा चल रहे है और यह कब बिक्री के लिए मार्केट में आते है कुछ ही लोगो को पता चलता वो भी न्यूज़ पेपर में छोटी सी निविदा के माध्यम से पता चलता या कभी अखबारों में विज्ञापनों के माध्यम से या कभी कभार मेले के स्टालों में मुझे लगता है की प्रोजेक्ट की मार्केटिंग की यह नाकाफी है उस की बढ जब खरीदार जब इन कार्यालयों में चकर लगता है तो उसे संतोष जनक जानकारिय नही मिल पाती है, यह मेरा खुद का अनुभव है, और लोगो से भी सुना है 
तो मेरा मत है की छत्तीसगढ़ में भी कुछ इसी तरह का प्रयास होना चाहिए मार्किटिंग सेल गठित होना चाहिए योजनाओ की गाइड प्रकाशित होनी चाहिए जो की मुफ्त न होकर कुछ कम से कम कीमतों की होनी चाहिए और हर जगह सुलभ होनी चाहिए जिससे सरकारी प्रोजेक्ट पूर्णता सार्वजिनक होने से बहुत से  संपत्ति खरीददारों जो जानकारी के आभाव में इन जगहों पर निवेश से वंचित रहते है उन्हें लाभ पहुचेगा ऐसा मेरा मत है .

Friday, December 24, 2010

मुफ्त के सलाहकार

मेरी सोच यह कहती है की  आज प्रोपर्टी दो लाख रूपये  का पर निवेश करने वाला आपने आप को प्रोपर्टी एक्सपर्ट से कम नहीं समझता है .पान की दुकान हो या सरकारी कार्यालय प्रोपर्टी खरीदने के लिए सलाहकार मुफ्त में मिल जाते है . और यह सलाहकार आप के सहकर्मी -रिश्तेदार-मित्र -जानपहचान वाले -या अनजान कोई भी हो सकते है जो आप को सीपत- लगरा -मोपका - अशोक नगर -कोनी-घुरू अमेरी- सकरी -सिरगिट्टी - तिफरा- बोदरी -परसदा  - बनाक -हरदी बसिया मोड़ -सिलपहरी -धुमा -लाल खदान - जैसे  जगहों पर निवेश के फायदे नुकसान बताने में मुफ्त के सलाहकारों ने कोई कसर नहीं छोड़ी होगी . मैं इन जगहों की बुराई नहीं कर रहा हु इन जगहों पर भी कुछ बहुत ही अच्छे प्रोजेक्ट आवासीय व्यावसायिक आवासीय भूखंडो के प्रोजेक्ट कुछ बिल्डरों के प्रोजेक्ट होउसिंग बोर्ड के प्रोजेक्ट काबिले तारीफ है .परन्तु   इन में से कुछ जगहों पर लोग जो निवेश किये है उन की स्थिति सब के सामने है. प्रोपर्टी पर निवेश किये हुए  किसी को 10 साल किसी  को 5 साल  से अधिक का समय हो गया है .
.सबसे महत्व पूर्ण बात यह है की जो खुद के रहने के लिए प्रोपर्टी खरीदे है उन की हालत सब से खराब है जितने पैसे उन्होंने 10 साल पहने लगाये थे .आज उस की कीमत दुगनी हो गई है पर उसे बेच कर शहर में एक 900 - वर्ग फुट का फ्लेट नहीं ले सकते . मैं यह उदहारण बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट को ध्यान में रख कर दे रहा हु  मेरी सोच यह कहती है प्रोफेशनल्स की सलाह प्रॉपर्टी आवासीय हो या कॉमर्शियल, अगर उसे खरीदने से पहले किसी प्रोफशनल व्यक्ति या एजेंसी की सलाह ली जाए तो बेहतर होगा . जैसे की निवेश से फायदे नुकसान और आसपास के प्रोजेक्ट की जानकारिया  डिजाइन, एरिया यूटिलाइजेशन  प्रोजेक्ट का अप्रूवल और लीगल पहलुओं  पर विमर्श कर लें. लाखों के सौदे में अगर कुछ हजार रुपये में सही सलाह मिलती है तो भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है .मुफ्त की सलाह ले लेकिन सलाह को अमलीजामा पहनाने से पहले  प्रोपर्टी एक्सपर्ट या प्रोफेशनल्स की सलाह जरुर ले

Wednesday, December 22, 2010

Bilaspur

छत्तीसगढ़ के जो प्रमुख शहर है उन में प्रथम राजधानी रायपुर और दूसरा न्यायधनी बिलासपुर है.छत्तीसगढ़ का दूसरा बड़ा व्यवसायिक और ओद्योगिक जिला भी बिलासपुर है . बिलासा  दाई के नाम से बसा बिलासपुर इसे  न्यायधनी के नाम सी भी पुकारा जाता है .
मैंने विभिन्न स्रोतों से बिलासपुर जिले और बिलासपुर शहर से जुडी हुई कुछ  महत्वपूर्ण  जानकारियों का संकलन करने का प्रयास किया है. यह  प्रयास बिलासपुर के डेवलपमेंट से जुड़े पहलुओ  को आम लोगो तक पहुचना है . ताकि जो लोग बिलासपुर के बारे में जानना चाहते है उन तक कुछ महत्व पूर्ण जानकारिय पहुच सके आप से निवेदन है की कृपया इसमें दिए गए तथ्य और आकड़ो को एक लेख की तरह पढ़े .


 बिलासपुर जिले की कुल जनसंख्या वर्ष 2001 की स्थिति में 1013875 पुरूष और 984480 महिलाओ  की है .
पुरूषों में साक्षरता 78.4 प्रतिशत और महिलाओं में 48.2 प्रतिशत है .
2001 में  बिलासपुर शहर की जनसंख्या करीब ढाई लाख थी यह शहर 30 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में बसा हुआ है.
कुछ समय पहले 18 ग्राम पंचायतों को निगम में शामिल करने का प्रस्ताव अब तक भी पारित हो चूका है,  इसमें मंगला, कोनी, बिरकोना, खमतराई, बहतराई, बिजौर, लिंगियाडीह, मोपका, देवरीखुर्द, दोमुहानी, महमंद, सिरगिट्टी, बन्नाकडीह, तिफरा, परसदा, घुरू, अमेरी एवं उसलापुर समेत कुल 18 ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल करने का आग्रह किया गया था . जिस पर प्रशसनिक स्तर पर कार्य चल रहा है जैसे (दावा आपति व अन्य ) 
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ ही बिलासपुर जिले की अमर विकास  यात्रा शुरू हो गई थी. 


जिले के विकास के 10 वर्षों के सफर पर नजर डालें तो शासन द्वारा 103 भवन, 499.95 किमी गिट्टीकृत मार्ग, 841.63 कि.मी. मार्गों का नवीनीकरण, 436.85 कि.मी. डामरीकृत सड़कों का नवीनीकरण, 823.52 किमी नयी डामर सड़क, 9 मध्यम पुलों और 1033 पुलियों का निर्माण किया गया। दूरस्थ क्षेत्रों में 560 पुल-पुलिया, 146 भवन, 100.30 किमी मिट्टी सड़क तथा 184.50 किमी मुख्य सड़क बनाये गये। पक्की डामरीकृत सड़के 594.82 किमी बनाए गये तथा 264.40 किमी सड़कों का नवीनीकरण किया गया.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् छ: वर्षों में २६२ शासन द्वारा सड़कों का निर्माण किया गया . इसके अन्तर्गत कुल 991 किमी लम्बाई की सड़के बनी . निर्मित सड़कों के द्वारा जिले के 578 बसाइटों के लोगों को आवागमन का सीधा लाभ मिला है. गत वर्ष 2006 किमी की 57 सड़के और इस वर्ष 494 किमी की 143 सड़के प्रस्तावित की गई. उक्त सड़कों के निर्माण से 230 बसाहट के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगा .


जिले में सिंचाई क्षेत्र विस्तार के भरपूर प्रयास चल रहे हैं. विगत छ: वर्षों में सौ छोटी बड़ी योजनाओं की स्वीकृति दी गई. पूर्ण योजनाओं के द्वारा 19 हजार 325 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता निर्मित की गई. वर्तमान में जिले का 35-35 प्रतिशत क्षेत्र सिचिंत है. चल सी परियोजनाओं के पूर्ण होने से 48 प्रतिशत क्षेत्र सिंचित होगा. अभी हाल ही में ही अरपा भैसाझार प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है भैसाझार में  12.5 मीटर उंचा  बैराज बनने की सहमती प्राप्त हो गई है  जैसे बिल्हा और तखतपुर के बहुत से ग्रामो में सिचाई की क्षमता का विकास होगा .


बिलासपुर नगर निगम द्वारा बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री स्वलंबन योजना के तहत् 101.87 लाख की स्वीकृति से 253 दुकानें निर्मित की गई. 53 स्थानों पर सार्वजनिक सुलभ काम्पलेक्स बनाकर आम आदमी को सुविधा प्रदान की गई है .


शासन द्वारा शहरी निम्न आय वर्ग हेतु वाम्बे आवास, शहरी निर्धन आवास, अटल आवास योजना के तहत डेढ़ हजार आवासों का निर्माण 2 करोड़ की राशि से किया गया है . शहर के मध्य स्थित राजा रघुराज सिंह स्टेडियम को लगभग डेढ़ करोड़ की राशि व्यय कर सुविधा युक्त बनाया गया.


शासन की सरोहर धरोहर योजना के तहत शहर के चार तालाबों के पुनरूत्थान के लिए 118.35 लाख रूपये खर्च किये गये

स्वस्थ सविधाओ की दृष्टी से बिलासपुर में   छ.ग. आर्युविज्ञान संस्थान CIMS मेडिकल कालेज स्थापित है .  
नए जिला चिकित्सालय भवन नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र भवन, एवं नर्सेस हॉस्टल भवन का निर्माण किया गया है 
सेंदरी (बिलासपुर) में 100 बिस्तर का मनोरोगी चिकित्सालय 512.23 लाख की लागत से निर्मित किया जा रहा है यह प्रदेश का पहला एक मात्र मनोरोगी चिकित्सालय है
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ का विश्व स्तरीय अपोलो हास्पिटल स्थापित है. 
तीन मान्यता प्राप्त निजी डेंटल कालेज संचलित है.  
चार इंजीनियरिंग कालेज संचालित है .
जिला खेल परिसर लागत 347.30 लाख रोजगार कार्यालय का सर्व सुविधा युक्त भवन, निर्माण जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धी है. इसके अतिरिक्त में बहतराई में अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण प्रगति पर है. जिसके बन जाने से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जिले को मिल सकेगी
365 करोड़ की लगता से बिलासपुर में  छत्तीसगढ़ के  पहले सीवरेज प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है . 
छत्तीसगढ़ का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम  बिलासपुर में विकसित हुआ, प्रशासन के सहयोग से सिटी बस प्रारंभ हो गई है. 
बिलासपुर से 110 किलोमीटर पर छत्तीसगढ़ राज्य की  राजधानी रायपुर है तथा दोनों शहर  रेल और सडक मार्ग से जुड़े हुए है .
बिलासपुर को बी श्रेणी का दर्जा मिल चुका है .
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ राज्य का उच्च न्यायालय स्थापित है . ग्राम बोदरी में  नवीन उच्च न्यायालय भवन का निर्माण लगभग 10660.32 लाख रूपये की लागत से बनी यह भवन 61 एकड़ क्षेत्र में स्थित है.
BILASPUR रेलवे जोन SECR ( दक्षिण पूर्वी मध्य रेल्वे जोन ) और जोन का मुख्यालय भी है ,और यह सावधिक आय देने वाला मंडल /जोन भी है 
बिलासपुर का रेल्वे स्टेशन बड़ा और सभी सुविधाओ से संपन है यह से हावड़ा और मुंबई रेल मार्ग जुड़े हुए है तथा दिल्ली और विशाखापटनम, भूवनेस्वेर,अंबिकापुर, कोरबा ,चिरमिरी के लिये रेल सेवाए है  


उसलापुर कटनी की और जाने वाली  रेल गाडियों के लिए  उपनगरीय स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है  जिसका प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है.    
छत्तीसगढ़ जा पहला केन्द्रीय विश्व विद्यालय  गुरु घासी दास केन्द्रीय विश्व विद्यालय बिलासपुर  कोनी में स्थित है. 
पंडित सुन्दर लाल शर्मा मुक्त विश्व विद्यालय बिलासपुर कोनी में है. 
डॉ. सी वी रमन विश्व विद्यालय बिलासपुर कोटा  ( करगी रोड )में स्तिथ है .


भारत सरकार की  नव रत्न कम्पनी  साउथ ईस्ट कोलफील्ड  ( SECL ) का मुख्यालय बिलासपुर में है  
NTPC सीपत थर्मल पावर (एशिया का सबसे बड़ा ) थर्मल पावर प्रोजेक्ट बिलासपुर से 16 किलोमीटर  दुर सीपत में है. 
नया हाई टेक  बस स्टैंड  (परसदा ) चंडीगड़  के बाद दूसरा हाई-टेक बस स्टैंड की श्रेणी में है 
छत्तीसगढ़ का पहला ट्राफिक पार्क मोपका ( लगरा )में बना है
अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया बिलासपुर से  65 किलोमीटर दुर है 

कानन पेण्डारी चिड़िया घर जिसे की मिनी जू भी कहा जाता है, वह बिलासपुर (सकरी) में है .
बिलासपुर कोनी में आकर्षक बिलासा ताल बनाया गया है .
यहाँ पर कम्पनी गार्डन दीनदयाल पार्क कोन्हेर गार्डन है .
SECL और निगम के सहयोग में  स्मृति वन में तारा मंडल व साइंस पार्क का निर्माण प्रारंभ है   
अचानकमार अमरकंटक बायोस्फियर एरिया  की बिलासपुर कोटा से चालू हो जाता है  
पर्यटन की दृष्टी से रतनपुरऔर रतनपुर की महामाया देवी का प्रचीन मंदिर , तालागाँव ,मल्हार विश्व प्रसिद्ध है. 
महानगरीय तर्ज पर बने कुछ आलीशान होटल्स व  दर्जनों छोटे व बड़े होटल्स और लाज बिलासपुर में है .
बिलासपुर का ट्रांसपोर्ट नगर सिरगिट्टी में  है.

औद्योगिक एरिया सिरगिट्टी ,तिफरा, सिलपहरी में है जहा पर छोटे और बड़े उद्योग स्थपित है .
प्रमुख उद्योगों में सीमेंट,लोहा,विद्युत,स्पंज आयरन आदि उद्योग संचलित है
बिलासपुर जिले में खनिज में डोलोमाइट यहाँ पर बहुत मात्र में पाया जाता है.
बिलासपुर में व्यापर और उद्योग को बढावा देने के लिए जिला उद्योग संघ बिलासपुर का चार दिवसीय व्यापर मेला प्रसिद्ध है
बिलासपुर  की वाणिज्यिक व्यापर मंडी व्यापर विहार में स्थित है. 
बिलासपुर से ----
बिलासपुर  से जांजगीर चंपा जिला 55 किलोमीटर पर है
बिलासपुर से  अकलतरा की दुरी  40 किलोमीटर है जहा पर लाफार्ज सीमेंट की इकाई है  और वर्धा पावर प्लांट का निर्माण कार्य प्रारंभ है .
बिलासपुर से 100 किलोमीटर की दुरी पर कोरबा और  बिलासपुर से 60 किलोमीटर पर मुगेली  है 
बिलासपुर से करीब 150 किलोमीटर पर रायगढ़ स्थित है .
बिलासपुर से रतनपुर ,कोटा मस्तुरी 20 से 25 किलोमीटर की दुरी पर है और यहाँ आने जाने की 24 धंटे साधन उपलब्ध रहते है .
 कोटा ,अकलतरा ,कोरबा ,रायगढ़ रेल सेवा  से जुड़े हुए है . 


और अन्य उपलब्धिया कुछ ईस प्रकार है
 .
.बिलासपुर के वृहद् विकास के लिए अरपा विशेष क्षेत्र प्राधिकरण का गठन हो गया है , यह योजना अभी प्रारंभिक चरण पर है परन्तु  आने  वाले सालो में अरपा गुजरात के सबरमति नदी पर हो रहे रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट जैसे  लगने लगेगी ऐसा मेरा अनुमान है .
कार्पोरेट कम्पनियों के कदम बिलासपुर में पड़ चुके है चाहे बैंकिंग, फाईनेंस, इंशोरेंस सेक्टर की हो .
बिलासपुर में जल्दी ही दो मल्टीप्लेक्स पलस शोपिंग मोल खुलने वाले है जिनका निर्माण अंतिम चरणों में है.
 प्राय सभी नेशनल और मल्टी नेशनल कम्पनियों के दो पहिया से चार और बड़े कामर्शियल वाहनों के   सर्विस सेंटर रायपुर के बाद बिलासपुर में ही खुले है.
आप को और भी बिलासपुर से जुडी कुछ जानकारिया सरकारी तथा गैर सरकारी वेब साईंडो से मिल जाएगी 
बिलासपुर के रियल स्टेट से जुडी जानकारिय आपको मेरे अन्य लेखो पर मिल जायंगी 











Wednesday, December 1, 2010

commercial space bilaspur

bilaspur कामर्शियल स्पेस की मांग दिन प्रति दिन बड़ते जा रही है आने वाले कुछ महीनो के भीतर बिलासपुर में कामर्शियल स्पेस में की मांग बड़ने वाली है क्योकि मुझे लग रहा है पिछले सात आठ महीनो में जो  व्यापर विहार में जो कार्पोरेट  सेक्टर की एंट्री हुई है उस से आने वाले कुछ दिनों में फिर से व्यापर विहार की कॉमर्शियल प्रॉपर्टी में फिर से पूछ परख बड़ने की सम्भावना दिखने लगी है .उस का एक कारण यह भी है की बस स्टैंड  और हाई कोर्ट का  नया भवन बोदरी में बन जाने और होउसिंग बोर्ड की तथा यहाँ पर एक दो आवासीय  टाउनशिप के बनने और कुछ छोटे और बड़े पैमाने पर वैध और अवैध भूखंडो की बिक्री बड़ने तथा उसलापुर में रेल्वे स्टेशन में यात्री सुविधाओ में विकास होने के  साथ में उसलापुर और सकरी में तीन से चार बड़ी आवासीय  टाउनशिप के बनने से व्यापर विहार अब शहर का केंद्र बन गया है जो कभी बस स्टैंड हुआ करता था .व्यापर विहार से उसलापुर सकरी और बोदरी परसदा  SECL राजकिशोर नगर एक दम पास लगते है. और रास्ता भी सिधा और आसान है, कोई नया व्यक्ति भी आसानी से इन जगहों पर पहुच सकता है.यह कुछ ऐसे समीकरण है जिनसे  मुझे लग रहा है की ये व्यापर विहार  में कामर्शियल स्पेस की मांग को बड़ने वाले है  हालाकि अभी व्यापर  विहार में कामर्शियल स्पेस की मांग कम है,पर मुझे लग रहा है की आने वाले कुछ समय में सभी बड़ी कार्पोरेट  कंपनियों के ऑफिस  या हेड ऑफिस व्यापर विहार में रहेंगे क्योकि  इन कंपनियों के ब्रांच ऑफिस आने वाले समय में  व्यापर के हिसाब से उसलापुर और बोदरी परसदा तोरवा नाका  SECL राजकिशोर नगर (मोपका) इन जगहों  पर खुलेंगी या कुछ इन जगहों पर खुल गए है अब बाकि कंपनिया इसी ट्रेंड को फलो करने वाली है. तो  जाहिर सी बात है की  आने वाले कुछ सालो में  व्यापर विहार बिलासपुर का कामर्शियल और अफिशियल केंद्र बन जायेगा 



सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है की यहाँ पर प्रॉपर्टी के बुलबुले के फूटने का असर कम हो गया है अब यहाँ का पर की जो प्रॉपर्टी है वो डेवलपमेंट का रूप लेने लगी है श्रीकान्त वर्मा मार्ग पर माल के चलू होने का समय नजदीक आने  की वजह से यहाँ की प्रॉपर्टी पर बहुत जम के उछाल आने की सम्भावना तेज हो गई है अभी डोमिनोस के चालू होने  से ही आसपास की प्रॉपर्टी पर सुगबुगाहट तेज हो गई है और सब से महत्वपूर्ण बात यह है की यहाँ पर अभी कुछ छोटे और बड़े प्रोजेक्ट के लिये लोगो की जमीने बहुत है और मेरा मानना है की जहा पर जमीने ज्यादा होती है वह पर प्रोपर्टी की कीमत और डेवलपमेंट ज्यादा होता है
                                                                                                                   
व्यापर विहार को अब मैं इतना महत्व क्यों दे रहा हु क्योकि कार्पोरेट कंपनिया किसी भी कामर्शियल स्पेस पर 6 से ९ साल  से ज्यादा दिन नहीं टिकती है और अब बिलासपुर में कुछ छोटे और बड़े  कार्पोरेट समूह काफी पुराने हो गये है वे अब अपनी ब्रांच भी खोल रहे है और कुछ  खोलने वाले भी है  और बिलासपुर का सेंटर  व्यापर  का केंद्र व्यापर विहार ही है . अब मुझे लग रहा है की वो समय आने वाला है यहाँ की होल्डिं की हुई प्रोपर्टी को नए और बड़ी हुई कीमत मिलने की उमीद लग रही है जो यहाँ पर आये बूम के जाने के बाद से कुछ ठंडी पड़ी थी,