Monday, November 21, 2011

प्रॉपर्टी मार्केट के कुछ महत्वपूर्ण x फेक्टर

प्रॉपर्टी मार्केट के  कुछ महत्वपूर्ण x  फेक्टर पर इस चिट्ठे के माध्यम से  केन्द्रित करने का प्रयास कर रहा हूँ प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उस प्रॉपर्टी में x फेक्टर देखना न भूले  यही x  फेक्टर भविष्य में आप की प्रॉपर्टी की की कीमत और मांग तय करेगा .रेल और मुख्य सडक संपर्क इस में सबसे महत्वपूर्ण फेक्टर होता है . यह x फेक्टर कैसे काम करता है  इस के लिए एक उदाहरण के रूप में  बिलासपुर से 25  किलोमीटर दूर रतनपुर में अगर कोई  प्रोजेक्ट चालू होता है तो यहाँ पर  x फेक्टर है  महामाया मंदिर , रतनपुर का टूरिस्ट प्लेस होना  और रतनपुर का प्रचीन इतिहास .ऐसे स्थानों में  रतनपुर के लोगो की व्यवस्थित आवासीय मांग भी शामिल होगी  और रतनपुर के अलावा  अन्य जगहों के निवेशक भी इस स्थान  के भविष्य को देखते हुए निवेश करना पसंद करेंगे .यही बात अकलतरा में इस प्रकार से लागु होगी .अकलतरा बिलासपुर से सड़क और रेल सुविधा से जुड़ा हुआ है और नजदीक ही  जांजगीर चाम्पा जिला मुख्यालय है और वर्तमान में पावर प्रोजेक्ट नजदीक है . वह पर व्यवसायिक और ओद्योगिक गतिविधिया भी सक्रीय है और प्रॉपर्टी की मांग भी है . यहाँ पर ये ही सब x फेक्टर है .
रेल सेवा से जुड़ा हुआ छोटा सा इलाका जो की मुख्य शहर से 30  से 40  किलोमीटर के दायरे में आता हो वह की प्रॉपर्टी में  भी  x  फेक्टर  है जैसे की अकलतरा ,बिल्हा , कोटा ( करगी कोटा) बिलासपुर से सटा हुआ लोखड़ी गाव .भाटापारा ,तिल्दा जैसे छोटे कम घनत्व वाले इलाको की प्रॉपर्टी में x फेक्टर है .
फोर लेन बाई पास भी  प्रॉपर्टी में x फेक्टर का काम करता है  जैसे की रायपुर से दुर्ग तक की बाईपास से लगी हुई ग्राम पंचायते छोटे और बड़े आवासीय कालोनियों और व्यवसायिक गतिविधियों  के जाल में बुनी जा चुकी है  
इकोनॉमिक एक्विविटी के  केंद्र का भी आसपास होना प्रॉपर्टी मार्केट में  x  फेक्टर का काम करता है .
किसी भी बड़े होउसिंग प्रोजेक्ट या बड़ी टाउन शिप से आसपास या उस से लगी प्रोपर्टी भी x फेक्टर का कार्य करती है 
पिने के पानी की उपलब्धता भी x फेक्टर का कार्य करती है .कहने का मतलब यह है की उस स्थान का वाटर लेवल बढ़िया होना चाहिए .
पुलिस थाने से नजदीकी भी प्रॉपर्टी में x फेक्टर का कार्य करती है .
प्रॉपर्टी के आसपास बहुत से सरकारी कार्यालय भी प्रॉपर्टी में x फेक्टर का काम करते है .
प्रॉपर्टी से बस स्टैंड रेल्वे स्टेशन की नजदीकी भी x फेक्टर की भूमिका अदा करती है . जिसमे  की उपनगरीय रेल्वे स्टेशन भी शामिल है उदाहरण के लिए बिलासपुर का उस्लापुर रेल्वे स्टेशन
विश्व विद्यालय के आसपास का इलाका भी x फेक्टर का काम करता है बिलासपुर में कोनी और रायपुर में इस का उदाहरण देखने को मिल सकता है .
मेरा मानना है की अगर ऐसे बहुत से  x  फेक्टर जहा पर हो उस स्थान  प्रॉपर्टी में निवेश फायदे का सौदा साबित होता है  

Thursday, July 21, 2011

Residential Project in Bilaspur

POOJA PARK 
Residential Project in Bilaspur
Luxurious  3 BHK Flats 










बिलासपुर प्रोपर्टी मार्केट में एक नया प्रोजेक्ट है इस प्रोजेक्ट से जुडी कुछ बाते मुझे अच्छी लगी इस लिए इस प्रोजेक्ट को आपने ब्लॉग में मैंने शामिल किया है . 
इस  प्रोजेक्ट में सभी फ्लेट 3 BHK के है  इस के हर फ्लेट में चार बाल्कनिया है .. मतलब की काफी खुला स्थान है जो की अपार्टमेन्ट में कम देखने को मिलता है   यह नया प्रोजेक्ट है और इसकी कीमते भी कम है यहाँ से रेलवे स्टेशन बिलासपुर और उसलापुर, बस स्टैंड ,स्थानीय मार्केट हॉस्पिटल सभी के करीब है .  भविष्य में अरपा प्रोजेक्ट का फायदा इस प्रोजक्ट को मिलेगा .


प्रोजेक्ट की बुकिंग के लिए आप इन से संपर्क करे 

Jay Gemnani

98261-76000

Anil Kumar Agrawal 

9826528900



Friday, July 1, 2011

प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब

बहुत समय के बाद आज फुर्सत मिली है . आपने तजा रपट की शुरुवात बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब से शुरू करू ..  
बिलासपुर प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब 
सवाल ---
सुरेश सिंह जी चिरमिरी में SECL में कार्य करते है उन्हें बिलासपुर में आवासीय प्रॉपर्टी खरीदनी है और वे 2 सालो के बाद बिलासपुर में शिफ्ट होना चाहते है और वे SECL और उसलापुर और के बिच में फ्लैट लेना चाहते है . सुरेश जी का बजट 14 से 18  लाख के बिच का है ...

जवाब -- सुरेश जी आप के बजट में आप को इन जगहों पर आसानी से प्रॉपर्टी उपलब्ध हो सकती .. आप के लिए सरकंडा का एरिया सबसे बेहतर होगा . आप को यदि दो सालो के बाद रहना है तो मेरे हिसाब से आप को री सेल प्रोपर्टी न लेकर नए और निर्माणाधिन प्रोजेक्ट पर निवेश करना चाहिए  इस से आप को  फायदे होंगे . नए प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करने से कीमते कम मिलेगी और कारपेट एरिया के अन्दर आप थोडा बहुत बदलाव आसानी से कर सकते है तथा मन मुताबिक फेस मिलने की गुंजाईश ज्यादा रहती है .और आप जब २ सालो के बाद बिलासपुर में रहने आयेगे तब तक प्रोजेक्ट पूरा होकर लोग रहने भी लगेगे . आप को निवेश करने के बाद किराये पर देने की चिता भी नहीं रहेगी .
सुरेश जी मेरे ख्याल से आप को वर्तमान में  SECL और उसलापुर और के बिच में सरकंडा में बन रहे आवासीय परिसर  " पूजा पार्क " के बारे में सोचना चाहिए . यह नया प्रोजेक्ट है और कीमते भी कम होंगी सरकंडा ,मोपका , उसलापुर, बस स्टैंड ,स्थानीय मार्केट हॉस्पिटल सभी के करीब है .

Thursday, May 26, 2011

पेट्रोल की बढती हुई कीमते भी प्रॉपर्टी मार्केट पर असर डाल सकती है

पेट्रोल की बढती हुई कीमते भी प्रॉपर्टी की रफ़्तार को धीमा कर सकती है ख़ास कर उन स्थनों पर जहा पर सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट सिसटम आसानी से सुलभ नहीं है  पेट्रोल के महंगे होने से शहर के केंद्र से दूर के आवासीय , व्यवसायिक  प्रोजेक्ट पर निवेश करने के पहले निवेशक सालाना पेट्रोल के खर्च को भी नजर अंदाज नहीं करेंगे यह कुछ लाइने मैंने फेसबुक पर लिखी तो मुझे लगा की इस पर विस्तार से लिखना चाहिए  पेश है एक पोस्ट 
पेट्रोल की बढती  हुई कीमते  भी प्रोपर्टी मार्केट पर असर डाल सकती है . 

1. शहर से दूर की कालोनियों में निवेश करने से पहले निवेशक रोजाना के पेट्रोल के खर्च का हिसाब लगाये तो उन्हें   शहर से दुरी कुछ ज्यादा महंगी लगेगी 
2. शहर से दूर की कालोनियों के समीप अगर मार्केट नहीं हुआ तो भी आप का मासिक बजट बिगड़ सकता है निवेशक इस बात का भी ध्यान  रखेगे . क्योकि बड़ी और छोटी कालोनियों के समीप के मार्केट या माल से सभी प्रकार की खरीदारी नहीं हो सकती है . किसी भी शहर के प्रमुख मार्केट से खरीदारी होना ही है क्योकि यह वस्तुए दुसरे जगहों की अपेछा सस्ती मिलती है .
3. इन दोनों सुविधाओ का उपयोग हर कोई करता ही है --रेल्वे स्टेशन और बस स्टैंड आप के आवासीय स्थान से अधिक दुरी होने से पेट्रोल समय और दुरी होने से आने जाने का किराया अधिक लगेगा  
4. स्वास्थ सेवाए आप की आवासीय कालोनियों से दूर होने से भी पेट्रोल पर अधिक भार पड़ेगा ..
5 . बच्चो के स्कूल और कालेज दूर होने से भी सालान अधिक भार पड़ेगा .क्योकि पुराने जितने भी प्रमुख शिक्षा के संस्थान है वो शहर के भीतर ही है 
6 . व्यवसाय और नौकरी से सम्बंधित संस्थान की दुरी भी रोजाना के पेट्रोल खर्च में वृद्धि कर सकती है . 

कुल मिला कर कहूँ तो एक पक्ष पेट्रोल की कीमतों में बढोतरी से जेब और शहरी विकास के धीमे होने की संभावनाए ज्यादा दिखाता है और दूसरा  पक्ष यह दर्शाता है की अब तक का हुआ शहरी विकास पेट्रोल की 9 रूपये लीटर पेट्रोल से 69 रूपये के सफ़र में शहरी विकास के बड़ते रहने की सम्भावनाये ज्यादा है .. बरहाल पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों का बोझ तो आम उपभोक्ताओ पर ही पड़ना है तथा सालान बजट में कटोती कही ना कही से होनी निश्चिन्त है .

Monday, May 9, 2011

मेरी नजर से कुछ अखबारों की कतरने


प्रोपर्टी के निवेशक सावधानी से प्रोपर्टी की खरीदी करे और खरीदने से पहले प्रोपर्टी एक्सपर्ट से सलाह जरुर लेले  निवेशको की थोड़ी सी असावधानी बहुत बड़ा नुकसान करा सकती है .

इन खबरों से यह तो पक्का  हो गया है की आने वाले समय में  अवैध कालोनियों पर सख्ती से कार्यवाहिय होंगी 
पर इस में उन लोगो का क्या दोष है जो इन जगहों  पर प्रोपर्टी पर निवेश किये है . मैंने अनुभव किया है की प्रोपर्टी के बहुत से खरीदारों को अवैध कालोनिय क्या होती है यह तक पता नहीं है अकेले बिलासपुर में 238  अवैध कालोनिया . इन में से कितने को नाम तो मैं भी नहीं जानता हूँ 
साभार -भास्कर 

Saturday, April 30, 2011

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 8

मेरे ब्लॉग पर प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब शुरू करने के बाद से मुझे बहुत से लोग  प्रॉपर्टी में निवेश के लिए नए नए सवाल करने लगे है . जिसका मैं संतोष जनक जवाब देने की कोशिश करता हूँ और कुछ चुनिदा सवालो को ही आपने ब्लॉग में लिखता हूँ . और वह भी मुझसे सलाह लेने वाले की स्वीकृति की बाद ही आपने सुझाव ब्लॉग पर पोस्ट करता हूँ .
विजय भोजवानी ने कुछ दिनों पहले सीपत रोड में अपना प्लाट बेचा है और प्लाट बेचने के लिए उन्हें काफी पसीना बहाना पड़ा है और वो अब कमर्शियल उपयोग की प्रॉपर्टी  लेना चाहते है  उनकी पसंद तेलीपारा ,लिंक रोड , या प्रताप चौक के आस पास कही पर भी निवेश करने की इच्छा है . उस जगह पर आने वाले 2 से 3 सालो कोई ब्रांडेड शॉप खोलने का भी प्लान है 
जवाब - विजय जी यदि आप कमर्शियल यूस के लिए   प्रॉपर्टी देख रहे है और आप को 2 से 3 साल के बाद उस पर कोई व्यापार  भी करना है तो मुझे लगया है की सबसे पहले आप को उन जगहों का चुनाव करने से बचना  चाहिए जहा पर पार्किंग की समस्याए है , आज तेलीपारा, लिंक रोड, प्रताप चौक  इन जगहों पर ट्राफिक और पार्किंग की समस्या है और आने वाले दो से तिन सालो में और भी गंभीर होने की सम्भावनाये लग रही है . और वर्तमान में इन जगहों की कीमते भी अधिक है , और 5 सालो के बाद इन जगहों पर कोई भी  प्रॉपर्टी  की कीमते स्थिर रहेंगी बूम नहीं मिलेगा .माना की  व्यापर की दृष्टि से ठीक है पर निवेश भविष्य को देख कर किया जाना चाहिए . 
मेरे हिसाब से आप को अभी इमलीपारा वाली रोड ( रघुराज स्टेडियम के पीछे की सड़क ) पर ध्यान देना चाहिए .
कीमत , कनेक्टिविट ,व्यापार संपर्क, उपलब्धता ,पार्किंग , 3 सालो के बाद काया कल्प की तस्वीर का दिखना ,चौड़ी सड़के सब फेक्टर मुझे नजर आ रहे है तो मेरी राय है की आप इस जगह के बारे सोचे . बाकि  तेलीपारा, लिंक रोड, प्रताप चौक भी बुरी लोकेशन नहीं है 

Tuesday, April 26, 2011

मेरी नजर से कुछ अखबारों की कतरने

बिलासपुर  की अरपा विकास की योजना में निजी जमीने  नहीं ली  जाएगी यह इस  प्रोजेक्ट  का सबसे  दूसरा सबसे सुखद पहलु  है , यह सच है की बिलासपुर के विकास के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर नदी के किनारे बसने वाले लोगो को अपने घरोंदे उजड़ने की चिंता सता रही थी. इस बारे में मुझसे भी बहुतो ने सलाह ली थी . अमर अग्रवाल जी का  प्रेस वार्ता में दिया गया यह बयान  दिवाली की ख़ुशी से कम नहीं है . ज्ञात हो की  गुजरात में साबरमती प्रोजेक्ट के अलावा हैदराबाद में आंशिक रूप से नदी के विकास पर काम चल रहा है . देश में बिलासपुर का प्रोजेक्ट तीसरा नदी पर विकास का प्रोजेक्ट होगा .
साभार :
नई दुनिया 

बिलासपुर बिल्डर्स एसोसिएशन

कुछ दिनों पहले बिल्डर्स एसोसिएशन की एक बैठक आहूत की गई जिसमे की श्री  प्रकाश ग्वालानी  बिल्डर्स एसोसिएशन के नए अध्यक्ष  चुने गए 

बिलासपुर बिल्डर्स एसोसिएशन  BBA की हॉटल ईस्ट पार्क में हुई एक बैठक हुई जिसमे श्री प्रकाश ग्वालानी जी को बिलासपुर बिल्डर्स एसोसिएशन  का अध्यक्ष चुना गया. एसोसिएशन  के  संरक्षक श्री विवेक वॉजपेयी, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री राजेश अग्रवाल, श्री नरेंद्र कछवाहा, अध्यक्ष - श्री प्रकाश ग्वालानी, उपाध्यक्ष - श्री जगदीश ग्रोवर,श्री केसरी राजपाल , श्री बृजेश साहू, सचिव - श्री संजीव सिंह, सह-सचिव  श्री घनश्याम शुक्ला, कोषाध्यक्ष - श्री पीएन बजाज, सह कोषाध्यक्ष - श्री नरेश कंजानी, सलाहकार -  श्री अमित अग्रवाल, श्री ओपी मिश्रा, श्री अजय श्रीवास्तव, श्री बबलू भाटिया ,श्री  ज्योतिमय आर्य, श्री संदीप पांडेय को बनाया गया

Sunday, April 24, 2011

property investment tips


बाई पास - 1


कुछ लोकेशन पर प्रॉपर्टी पर निवेश करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है जैसे की नए बाई पास पर 
व्यवसायिक प्लाट , खेत , शॉप , यहाँ व्यवसयिक गतिविधिय ज्यादा होती है जिसे प्रॉपर्टी की कीमत बड़ते 
रहने की सम्भावनाये ज्यादा होती है


मेरा मनन है की प्रॉपर्टी पर निवेश करने के लिए नए बाईपास रोड से लगी हुई प्रॉपर्टी सबसे बढ़िया विकल्प 
होती है. बाई पास का डेवलपमेंट सबसे पहले होता है. यहाँ पर व्यापर के बहुत से विकल्प मौजूद रहते है , 5 से 6 साल के टर्म में योग्य मार्ग दर्शन में किया गया निवेश 5 से 6 गुना तक का रिटर्न दे सकता है .


उदहारण के लिए मैं बिलासपुर के पहले रिंग रोड  ( बाई पास ) की बात करता हूँ . लिंक रोड से महाराणा प्रताप  चौक तक का पहला बाई पास अब शहर का केंद्र बन गया है . दूसरा बाईपास रिंग रोड २ भी शहर का सबसे पाश एरिया बन गया है . अब यही हाल आने वाले समय में सकरी पेनड्रीडीह सकरी कोनी बाई पास का होगा हलाकि यह बहुत बड़े सर्कल में बना है फिर भी 5 से 8 सालो में इस का काया कल्प होगा . 
सबसे महत्व पूर्ण बात यह है की इन जगहों में कहा पर निवेश किया जाए ,और कैसा निवेश किया जाए .  इस 


विषय में मैं लिखना बहुत कुछ चाहता हूँ पर शेष अगले ब्लॉग में 

Friday, April 22, 2011

property investment tips

यदि आप को आप के मन मुताबिक प्लाट नहीं मिल रहा है और आप प्रॉपर्टी लेना ही चाहते है तो कोई भी शहर के नजदीक के ग्रामीण रेलवे स्टेशन के सामने खेत या जमीन लेने से यह आप के फार्म हाउस और भविष्य के सोना उगलने वाली प्रॉपर्टी से कम नहीं होगा जब शहर बढ़ेंगे तब इन शहर के नजदीक के ग्रामीण रेलवे स्टेशन के आसपास काफी हलचल होगी . यहाँ पर डबल कनेक्टीविटी फेक्टर होगा और यही फेक्टर रियल स्टेट की जान है  कहने का अर्थ यह है की इन शहर से लगे ग्रामीण इलाको के रेलवे स्टेशन भविष्य के  उप नगरीय  रेल शहर होंगे  जहाँ  पर मजदुर , शिक्षक ,विद्यार्थी , माध्यम वर्गीय नौकरी  पेशा व्यवसायी  और भी  लोग रहने जो ग्रामीण इलाको को छोड़ कर रोजगार की तलाश  में बड़े और माध्यम वर्ग  के शहरों की और आयेंगे . 
 आने वाले कुछ 5 से 10 सालो के बाद इन बड़े और माध्यम वर्ग  के शहरो में प्रॉपर्टी के दाम बहुत बाद चुके होंगे . और शहर की प्रॉपर्टी इस वर्ग से दूर होगी . तब यह वर्ग ग्रामीण इलाको के रेलवे स्टेशन से लगे इलाको में रहने के लिए आयेगे और इन के पीछे व्यवसायिक गतिविधिया या बाजार भी आएगा . बेहतर सड़क और रेल संपर्क होने से इन जगहों की डिमांड भविष्य में बढ़ने की सम्भावनाये ज्यादा होंगी .और फार्म हाउस से सालाना आय की गुंजाईश भी रहेगी .और वर्तमान में किये गए निवेश का प्रतिफल शानदार नतीजे देने वाला होगा .
उदाहरण के लिए 15 साल पहले मुंबई .नासिक ,पुणे ,नागपुर ,इलाहबाद लखनऊ ,अहमदाबाद , भोपाल से लगे ग्रामीण रेलवे स्टेशन के  इलाके जो अब उप नगरीय की नगर की श्रेणी में आते है .
मैं आपने शहर बिलासपुर की बात करू तो उस्लापुर और चकरभाटा , रायपुर का सरस्वती नगर , नागपुर का कामठी , कलामना , इतवारी ,अजनी आदि ऐसे बहुत से  उदाहरण आप को रेल यात्रा के दौरान बड़े या माध्यम शहर के आने के पहले छोटे छोटे रेल स्टेशन को देखने से मिल जायेंगे . 

Wednesday, April 20, 2011

Building material cost in Bilaspur

Building material cost in Bilaspur

मैंने अनुभव किया है की जमीन खरीदने के बाद मकान बनवाना बहुत टेढ़ा काम है , खास कर जब आप नौकरी पेशा हों .मकान के नक़्शे पास करवाने , लेबर ठेकेदार के पीछे चक्कर काटने से लेकर बिल्डिंग मटेरियल की व्यवस्था करने तक काफी पापड़ बेलने पड़ते है , तब कहीं जाकर मकान तैयार होता है . खुद मकान बनवाने में बहुत सी बाते ध्यान रखनी पड़ती है . विशेष कर बिल्डिंग मटेरियल की खरीदी को लेकर . 
मैंने देखा है की ज्यादा तर लोग पैसा सही देते है पर उन्हें  बिल्डिंग मटेरियल अच्छी गुणवत्ता वाला नहीं मिल पता है और मिलता भी है तो अधिक  कीमतों में इस वजह से भवन निर्माण की लागत बढ जाती है . जिसके फलस्वरूप  बजट बढ़ जाता है और कटोती करने के लिए आन्तरिक साज सजा और फिनिशिंग के कार्यो में अधूरापन दिखता है या कमी करनी पड़ती है. अतः बिल्डिंग मटेरियल खरीदने से पहले मार्केट में कीमतों को अच्छी तरह पता करने की बाद ही खरीदे इस में लापरवाही आप का बजट बिगड़ सकती है .


बिलासपुर में बिल्डिंग मटेरियल के की निम्न  कीमते चल रही है  

Metals

Masturi -
Metal 20' mm 4200/- to 4800 /- dumper
Metal 40' mm 3600/- to 4200/- dumper



Akaltara 
Metal 20' mm 5200/- to 6200/-
Metal 40' mm 4000/- to 5200/- 



Bilha 
Road Metal for Base
Metal 40'+60' mm (mix) 2200/- to 2600/- dumper


Bricks 
fly ash Bricks  8' inch 1800/- to 2000/-
fly ash Bricks  9' inch 2500/- to 2800/-


Clay Bricks  Chimni 9' inch 2400/- to 3000/-
Clay Bricks  panja   9'inch 2000/- to 2600/-


Fine Sand (Baarik)  
Sand 1200/- to 1500/- 


Sand in Haiwa 2200/- to 2500/-


Sand in traktar 600/- to 900/-

For filing (with gota and bajri )
Sand 900/- to 1200/-dumper

sand in Hyva 1800/- to 2200/-                                                      

sand in traktor 550/- to 700/-


Cement 


240 /- to  260/-  50kg. beg
 


TMT Iron Bars



6'   mm    - 39/- to 41/-  kg .

8'   mm    -38/- to  40/-  kg.

10' mm   -38/- to   40/-  kg.

12' mm   -38/- to   40/-  kg.


..................................................................................


बिल्डिंग मटेरियल की कीमते कम ज्यादा हो सकती है यह कोई अधिकारिक  कीमते नहीं है मैंने जो बिल्डिंग मटेरियल की कीमते यहाँ पर लिखी है वह बिलासपुर के  बिल्डिंग मटेरियल सप्लायरो , ठेकेदारों ,निर्माण कार्य से जुड़े लोगो व अपने construction work experience के आधार पर लिखी है
बिल्डिंग मटेरियल खरीदने से पहले अच्छी तरह पुछ परख कर ही खरीदे , कम से कम दो से तिन मटेरियल सप्लायरो से भाव ताव कर के खरीदने से कुछ पैसो की बचत हो सकती है ऐसा मेरा अनुमान है . 

Monday, April 18, 2011

Sai krishna City kota

Sai krishna City kota

बिलासपुर से २८ वे किलो मीटर पर कोटा है .. यहाँ पर सी वी  रमन यूनिवर्सिटी भी है यहाँ पर एक रेशीडेंशियल प्रोजेक्ट साईं  कृष्णा सिटी  चल रहा है  जिसकी  मैंने कुछ दिनों पहले मैं साइड विजीट की थी . मुझे यहाँ काफी सम्भावनाये देखने को मिली ..जो कुछ इस प्रकार की है . डॉ . सी . वी . रमन यूनिवर्सिटी के सामने है तो उसका लाभ मिलना तय है . कोटा नगर पंचायत होने से बहुत सी सुविधाए होंगी,  अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया होने से भविष्य में बड़े पर्यटन के क्षेत्र रूप में विकसित होता रहेगा .कोटा में बहुत से शासकीय कार्यलय होने से आवासीय आवासीय आवश्यकता को देखते हुए प्रोजेक्ट बहुत बढ़िया है  और प्रोजेक्ट से  कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है ,कनेक्टिविट ही रियल स्टेट को प्रभावित करती है कनेक्टिविटी से ही इस सेक्टर की ग्रोथ निर्धारित होती है . 
  
कोटा रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है कोटा से बिलासपुर और कोटा से  कटनी - दिल्ली - चिरमिरी -अंबिकापुर का रेल नेटवर्क जुड़ा हुआ है . यहाँ पर पेसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेने रूकती है .और रतनपुर और लोरमी के आस पास के लोग भी इन रुटो की यात्रा करने के लिए कोटा का उपयोग करते है .कुल मिलकर कहा जाय की रेल कनेक्टिविटी अच्छी  है .
बिलासपुर से कोटा सडक मार्ग बहुत बढ़िया है . कोटा से अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया 10 किलोमीटर दूर से शुरू हो जाता है . कोटा से लोरमी - जबलपुर कोटा से रतनपुर -पेंड्रा सड़क संपर्क से जुड़ा हुआ है .
 कनेक्टिविटी फेक्टर के हिसाब से कोटा बेहतरीन है और यहाँ पर  शानदार सम्भावनाये नजर आती है .

इस प्रोजेक्ट में मुझे सबसे महत्वपूर्ण यह लगा की  कोटा में यह प्रोजेक्ट सभी शासकीय विभागों द्वारा स्वीकृत है 
 मेरी जानकारी के हिसाब से सन 2009 -10 -11 की यह  कोटा में निजी पहली वैध कालोनी है जिसे टाउन एंड कंट्री प्लान विभाग से स्वीकृति  लेकर यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है .साईं  कृष्णा सिटी  के प्रमोटर एंड डेवलपर्स श्री राजकुमार द्विवेदी जी से प्रोजेक्ट के बारे में चर्चा हुई उन्हों ने इस प्रोजेक्ट से जुडी हुई कुछ विशेषताए बताई जो इस प्रकार है 

यह आवासीय प्रोजेक्ट है और यह 
* बिलासपुर कोटा मार्ग पर स्थित है 
* डॉ . सी . वी . रमन यूनिवर्सिटी के सामने है 
* वास्तु के अनुरूप प्लाट है 
* कालोनी का खुद का ट्रांसफार्मर 

* सुरक्षा की दृष्टी से प्रोजेक्ट के चारो ओर बाउंडरीवाल 
* कालोनी की सड़के३० फुट व अन्दर की सड़क २५ फुट की 
* शानदार भव्य प्रवेश द्वार 
* पम्प हाउस हर प्लाट तक पाइप लाइन की व्यवस्था 
* कमर्शियल प्लाट रेसीडेंशियल रेट पर 
*फायनेस की सुविधा भी उपलब्ध है 

 इस प्रोजेक्ट की बुकिंग प्रारंभ है बुकिंग के लिए आप संपर्क कर सकते है

साईं  कृष्णा सिटी  
प्रमोटर एंड डेवलपर्स 
श्री राजकुमार द्विवेदी 
ph .98271 -68592
 आफिस 
शिव राज  डेवलपर्स  एंड प्लानर्स 
साईं प्लाजा Cmd कालेज के सामने  लिंक रोड बिलासपुर C.G.
9407767511 ,9301057357



Friday, April 15, 2011

Construction Rates in Bilaspur

Construction Rates of Residential Buildings

आशियाना बनना सब का सपना होता है लोग मेहनत से अपना आशियाना बनाते है , आशियाना बनाते समय बहुत सी बाते जानकारिय बहुतो को नही मिल पाती है . बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में निर्माण  की लागत रायपुर व अन्य शहरो की तुलना में कम है यहाँ मटेरियल कास्ट कुछ काम है .
बिलासपुर में ज्यादा तर स्वतन्त्र आवास में Pile Foundation का उपयोग ही किया जाता है बिलासपुर के 70 % कालोनियों में Pile Foundation डाला जाता है 
इसके पीछे तकनिकी तर्क यह है की बिलासपुर भूकम्पग्रस्त क्षेत्र में नहीं आता है . 
जहा पर काली मिटटी अधिक है वह पर  Pile और कालम RCC kalam structureका उपयोग 
अधिक किया जाता है 

ECONOMIC HOME CONSTRUCTION RATES IN BILASPUR


RCC framed structure 

Ground floor construction rate  Rs.650/- per sq. ft. to Rs.750/- per sq. ft


First floor construction rate  Rs.550/- per sq. ft. to Rs.650/- per sq. ft


Second construction floor rate    Rs.600/- per sq. ft.to Rs.700/- per sq. ft


बिलासपुर में  भवन निर्माण के रेट्स के लिए मैंने कुछ लोगो से संपर्क किया मेरे कुछ मित्र जो की बिलासपुर के architect,civil engineer,civil contractors, है उन्हों ने material cast, labor cost , के आधार पर निर्धारित है , और यही मार्केट में चल रही है .
तकनिकी और भी बहुत से कार्य इन में शमिल है और नहीं भी है जिनका भुगतान अलग से करना पड़ता है .
अधिक जानकारी के लिए आप इन से संपर्क कर कर सकते है 
मनीष -9827186375
जय राम  - 9300669600
सचदेवा जी -9826944770

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 7

नीरज जायसवाल जी का सवाल है की उन्हें रायपुर रोड बोदरी या मंगला में से कहाँ निवेश करना चाहिए .नीरज जी वर्तमान में रतनपुर में रहते है . 
नीरज जी ज्यादातर मेने देखा है की जो लोग जिस रूट में रहते है वे उसी रूट पर निवेश करते है . जैसे की सीपत में रहने वाले मोपका , राजकिशोर नगर , सरकंडा को ज्यादा तवजो देते है . अकलतरा ,मस्तुरी के लोग अपनी बिलासपुर में आवासीय आवश्यकता की पूर्ति के लिए देवरी खुर्द ,हेमुनगर,राजकिशोर नगर पर ज्यादा निर्भर रहते है या फिर शहर के केंद्र पर रहना पसंद करते है 
ठीक वसे ही मुंगेली ,कोटा , तखतपुर में रहने वाले मंगला, नर्मदा नगर , रिग रोड २ को ज्यादा महत्व देते है 

नीरज जी रायपुर रोड और मंगला में से मेरे हिसाब से आप के लिए मंगला बेहतर होगा क्योकि कोनी बाई पास से आप को मंगला रतनपुर से काफी पास पड़ेगा और . मंगला से कुछ दूर पर ही कोनी में केन्द्रीय विश्व विद्यालय के कारण यह एरिया धीरे धीरे एजुकेशन हब बनता जा रहा है .और यदि आप मकान लेते है तो आप को वर्तमान में रेंटल इनकम भी मिल सकती है . रायपुर रोड में शायद कुछ समय लगे .
 रायपुर रोड में तिफरा के बाद एक विशेष वर्ग के निवेशक ज्यादा है जबकि मंगला में मिश्रित है .मंगला में जो माल  बन रहा है उसके आस पास का एरिया काफी डेवलप हो रहा है .कनेक्टिविट भी अच्छी है और अरपा विकास प्रोजेक्ट चालू होने के बाद इस एरिया का डेवलपमेंट बहुत होगा और रिटर्न भी बढ़िया मिलने की सम्भावनाये है . मंगला का वाटर लेवल भी बढ़िया है . तो मुझे लगता है की आप को मंगला में भविष्य की  बेहतर सम्भवनाये नजर अंदाज नहीं करनी चाहिए 

Wednesday, April 6, 2011

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 6

विजय जी और संध्या जी पति -पत्नी  दोनों ही मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करते है  और वे छुट्टियों में बिलासपुर आया करते है . इन्होने बंगलौर में भी प्रॉपर्टी पर निवेश किया है , और उनका  खुद का मकान बिलासपुर में भी है . और अब यह बिलासपुर में प्रोपर्टी पर निवेश करना चाहते है . उनका बजट  करीब 15 लाख था का है उन्होंने मुझसे सलाह मांगी  है की उन्हें किस तरह की प्रोपर्टी पर और कहा  निवेश करना चाहिए 

जवाब - विनय जी का बंगलौर और बिलासपुर में खुद का मकान भी है और आप दोनों प्राइवेट सेक्टर में काम करते है . तो मेरे हिसाब से आप को ऐसी सम्पत्ति में निवेश करना चाहिए जिसे आप को मासिक इन्कम होती रहे  इस के लिए आप को बिलासपुर में कमर्शियल स्पसे में निवेश करना बेहतर रहेगा और आप के बजट 15 लाख में आप को बहुत से आप्शन बिलासपुर में शहर से लगे निर्माणाधीन काम्प्लेक्सो में मिल जायेंगे . कोशिश  करिए की आप 2 या 3 फ्लोर में स्पेस देखे हो सकता है की अभी आप को आप के बजट के हिसाब से शहर के  बिच में शायद ऐसा स्पसे न मिले पर आप यदि शहर से लगी हुई कालोनियों के आसपास  आप को इस बजट में करीब 600 वर्ग फुट के स्पसे मिल जायेंगे .
आप को इस बजट में व्यापर विहार में भी व्यावसायिक  प्लाट मिल सकता है . जो की आने वाले समय के हिसाब से बिलासपुर शहर के बीचो बिच का होगा . कहने का मतलब यह है की आप कमर्शियल प्रोपर्टी पर निवेश करे जिस से आप को एक निश्चित सालाना  आय होती रहेगी . क्योकि  आप प्राइवेट सेक्टर में और यह सेक्टर नौकरियों  के मामले में अनिश्चित्ताओ से भरा हुआ है  . हाल ही में यह बात सामने भी आई है .
आप रायपुर रोड ,राजकिशोर नगर , उस्लापुर , तोरवा देवरीखुर्द ,   कोनी  के आस पास निवेश करने की सोचे मुझे लगता है की ये भविष्य के बेहतर निवेश स्थान साबित होंगे 

Monday, April 4, 2011

Bilaspur Property Samachar

बिलासपुर की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की दर में काफी वृद्धि हुई है . ...मुझे ऐसा लगता है की इस के परिणाम से प्रॉपर्टी की कीमते कुछ कम होंगी ..कारण यह है की पहले निवेशक रजिस्ट्री की कीमतों को नजर अंदाज करते थे परन्तु अब जो रजिस्ट्री की दर में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है उससे प्रोपर्टी की कीमते कम होना चाहिए 

फ़िलहाल जिला पंजीयक बिलासपुर में नई गाइड लाइन के अनुसार 1 अप्रेल से बढ़ी हुई दर पर रजिस्ट्री होगी
बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट में अभी कोई बुलबुला नहीं दिखाई दे रहा है जिसे की प्रॉपर्टी की कीमते बढे ऐसा कोई  ट्रेंड भी नहीं दिख रहा है जिसके पीछे निवेशक भागे .अलबता ऐसा लग रहा है की  रजिस्ट्री की दर में 20 से 25 प्रतिशत से एक ट्रेंड पैदा होगा जो की  प्रॉपर्टी की बढती हुई  कीमतों पर  लगाम लगाएगा .
 इस के कुछ करण भी मुझे दिखाई दे रहे है उनमे से  एक कारण यह भी है की  रीयल एस्टेट की इकोनॉमी ह्यूमन बिहेवियर पर आधारित होती है . और अभी जो वर्तमान में प्रॉपर्टी की शोर्ट टर्म की खरीदी और बिक्री का ट्रेंड चल रहा है उसमे कुछ निवेशको को कम मुनाफा और कुछ को नुकसान उठाना भी पड़ा है और यह अभी सुधरने वाला नहीं है ... ऐसा भी लग रहा है की वास्तविक खरीदार भी अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की बड़ी हुई दर को नजर अंदाज नहीं करेगे .मेरा मानना है की  प्रॉपर्टी की खरीदी में खरीदार कीमतों में कमी चाहेंगे और प्रॉपर्टी सौदों में बारगेनिंग भी ज्यादा होने की सम्भावनाये बढ जाएगी और पलड़ा खरीदार के पक्ष में रहेगा 

एक कारण यह भी है की होउसिंग सेक्टर को इस बजट में कोई विशेष रहत नहीं मिली है . बिल्डर और डेवलपर के ऊपर टैक्स का बोझ भी दिन प्रति दिन बढता ही जरा है तो जाहिर सी बात है की बिल्डर और डेवलपर टैक्स के बोझ को प्रोपर्टी के निवेशको पर ही डालेंगे ..ऐसा लगता है की इस सेक्टर में मई के बाद से उठाव आने की संभावना है 

मुझे बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट की चाल के अनुसार ऐसा लगता है की कमर्शियल प्रॉपर्टी  के वास्तविक निवेशक अभी भी कमर्शियल प्रॉपर्टी से दूर है ज्यादा तर शोर्ट टर्म के निवेशक ही इस सेक्टर में जमे हुए है जिसके कारण कमर्शियल प्रॉपर्टी  में  बिलासपुर के व्यापर के अनुसार रेट काफी ऊँचे है . इस से ऐसा लगता है की इस सेक्टर में भी रफ़्तार सामान्य रहने की उम्मीद है .और इस सेक्टर में भी बिकवाली ज्यादा नजर आ रही है .

फ़िलहाल अभी तो मुझे प्राईम लोकेश को कुछ खास जगहों की प्रोपर्टी को छोड़ कर ज्यादा कही डिमांड नहीं दिख रही है. लेकिन यह भी सच है की  प्रॉपर्टी  मार्केट हमेशा एक सी चाल नहीं चलता है उतार चढाव चलते रहता है और मेरा यह मत भी है की जून के बाद से यह अपनी रफ़्तार पकड़ेगा 

Thursday, March 31, 2011

मेरी नजर से कुछ अखबारों की कतरने

 बिलासपुर में अखबार में खबर छपी थी  है टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग जल्द ही अवैध कालोनियों पर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है , और यह तो तय है की इन कालोनियों पर कार्यवाही होगी .
..
लेकिन निवेशको का क्या होगा जिन्हों ने इन जगहों पर निवेश किया है. ऐसे बहुत से लोग है जिन्हों ने आपना मेहनत का पैसा इन जगहों पर निवेश किया है . जिन्हें यह भी नहीं पता था की वे जहा निवेश कर  रहे है वह भूमि ,मकान अवैध कालोनी के अंतर्गत आते है उन्हें तो यह भी नहीं पता है की ग्राम व नगर निवेश जैसी कोई संस्था भी होती  है 
खबर के मुताबिक बिलासपुर हजारो एकड़ में बसी  300 से अधिक अवैध  कालोनिया है .                                

साभार -हरिभूमि 

Tuesday, March 29, 2011

Bilaspur Real Estate News

प्रॉपर्टी मार्केट में तेजी लम्बे समय तक नहीं रहती एक निश्चित समय के पश्चात तेजी स्थिर हो जाती है और इस समय कम मुनाफे या नुकसान उठाकर प्रॉपर्टी सेल करनी पड़ती है या प्रॉपर्टी कुछ समय के लिए होल्ड करनी पड़ सकती है बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट का साल ख़त्म होने को है गिनती के दो से तिन दिन बचे है 
बाजार प्रोपर्टी की  खरीदार के एक दम अनुकूल है  बिलासपुर के प्रोपर्टी बाजार में इस समय क्रेता की अपेक्षा विक्रेता अधिक हैं इस का एक  कारण यह भी है की जिन्हों  ने  पिछले 5 से 6 महीनो पहले शार्ट टर्म के लिए व्यवसायिक  और आवासीय  भूखंडो और जमीनों पर निवेश किया था . उनमे से बहुतो ने अग्रीमेंट की हुई प्रॉपर्टी बेच नहीं पाई है  जिससे प्रॉपर्टी मार्केट में लिक्विड की कमी हो गई है  अब प्रॉपर्टी के शार्ट टर्म के निवेशक अब कम मुनाफे में भी निवेश की हुई प्रोपर्टी को सेल करने की जुगत में है  . विशेष रूप से रायपुर रोड और बोदरी परसदा ,मोपका सीपत रतनपुर रोड इन जगहों पर कुछ ज्यादा ही बिकवाली दिख रही है .
प्रोपर्टी पर शार्ट टर्म में निवेश आज  प्रोपर्टी के व्यापार का नया ट्रेंड बना हुआ है जिसमे जिसमे नुकसान की गुंजाइश नहीं के बराबर है बस रेट नहीं मिले तो आप का पैसा जाम हो गया . 
 प्रोपर्टी मार्केट के  जो शार्ट टर्म में निवेश करने वाले निवेशक है उन्होंने यहाँ के प्रोपर्टी मार्केट को एक नयी उंचाईया दी है इस से माध्यम वर्ग का प्रोपर्टी का निवेशक गायब हो गया , प्रॉपर्टी के रेट तो काफी बढे है इससे शहर का विकास कुछ छीन भिन्न सा हुआ है  और इसका सबसे बड़ा नुकसान माध्यम वर्ग की आवासीय जरुरतो पर पड़ रहा है . जो नौकरी पेश नहीं है छोटे और माध्यम व्यापार या मध्यम व्यावसायिक गतिविधियों में समिलित है वे सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे है .व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र शहर के बीचोबीच होने की वजह से शहर से दूर भी आवास नही ले सकते मजबूरन वे  जहा है जैसे स्थिति है वैसा ही निवेश कर रहे है . हाउसिंग बोर्ड की कालोनिया भी शहर की सीमा से लगी हुई है जहा जाना व्यापारी पसंद नहीं करते है .
प्रॉपर्टी मार्केट के इस शार्ट टर्म के खेल के चलते प्रोपर्टी की कीमते बढती जा रही है और वास्तविक निवेशक इस उठा पटक में दूर हो रह है इस के परिणाम स्वरूप बिलासपुर शहर की सीमाओं में आवासीय गतिविधिया प्रारंभ हो गई है और यहाँ पर निवेश ५ से ६ सालो को देख कर किया जा रहा है .अवैध कालोनियों का भी खूब बिक रही है . निवेशको को पता है की  इन कालोनियों में ख़रीदे गए भूखंडो का  डायवर्सन करना मुश्किल  है उसके बाद भी  प्रॉपर्टी का निवेशक इन जगहों पर प्लाट खरीद रहा है.

Monday, March 28, 2011

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 5

उमेश जी शासकीय कर्मचारी है और वे कवर्धा में सर्विस कर रहे है  और उन्हें 3 से 4 लाख तक का आवासीय प्लाट लेना है .जिस पर हो आने वाले 5 से 6 सालो में मकान बनवा कर रहेंगे . अशोक नगर खमतराई , लिगिहाडीह , मोपका उनकी पसंद है .
उन्हें मेरे परिचित के एक ब्रोकर ने प्लाट भी दिखाया पर उन्हें पसंद आ गया .अब उमेश जी जल्दीबाजी ने प्लाट की रजिस्ट्री करवाना चाहते है . 31 मार्च  तक .क्योकि उन्हें ३१मार्च के बाद से बढ़ी हुई दर पर रजिस्ट्री का मूल्य देना होगा .इस वजह से वे जल्दी बाजी वह में प्लाट लेने जा रहे थे . 
                      ऐसे बहुत से लोग है  जो की 31 मार्च से पहले  प्रॉपर्टी  को रजिस्टर्ड करवाने की होड़ में लगे है 
पर इस होड़ में अप को कुछ मुख्य बातो पर ध्यान दें अवश्यक है. 
मोपका और लिगियाहडीह के कुछ  से खसरा नंबर पर रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है .
यदि आप अवैध कालोनी की प्लाटिंग  पर कोई प्लाट ले रहे है तो उस की रजिस्ट्री भले ही हो जय परन्तु आने वाले भविष्य में आप के सुरक्षित निवेश की गारंटी खत्म हो जाएगी .
31 मार्च के बाद प्रोपर्टी की रजिस्ट्रेशन फ़ीस यदि बदती भी है तो 5 से 15 प्रतिशत के बिच ही बढेगी  मान लीजिये की आज आप कोई प्रोपर्टी खरीद रहे है और उसकी रजिस्ट्री का शुल्क स्टंप डयूटी 20.000 हजार रूपये की लग रही है और 31 मार्च के बाद 10 % की दर से बढती है तो   2,000 अधिक की डयूटी चुकानी पड़ेगी .
उमेश जी जल्दी बाजी में मोपका धानमंडी के आसपास प्लाट खरीद रहे थे जो की अभी विवादित भूमि में गिना जा रहा है .और उसके आसपास जाँच भी चल रही है और वह भी अवैध कालोनी का प्लाट था 
जब उमेश जी ने मुझ से परमर्श लिया तो मैंने उन्हें साफ़ मना कर दिया और जो बाते मैंने ऊपर लिखी है उसे मैंने विस्तार से समझाई तब जाकर उमेश जी ने वह प्लाट नहीं लिए और मेरे ऊपर एक जिमेदारी सोपी है की उनके लिए आवासीय प्लाट देखा जाय 
इस लेख के माध्यम से मैं यह कहना चाहता हूँ की प्रॉपर्टी की खरीदी में कुछ सावधानिया बरते और थोड़े से पैसे बचाने के लिए प्रॉपर्टी पर निवेश का फैसले जल्दी बाजी में ना लें . 

Saturday, March 19, 2011

होली का आनंद रंगों से होता है हरे ,गुलाबी, लाल, नीले,पीले कच्चे पक्के   जब हम एक दूसरे पर रंग लगाते हैं तो लगता है जैसे हम भी इस प्रकृति के रंग में रंगाये हुए है और सारी  धरती ये अम्बर  सभी एक साथ मिलकर इस रंगों के त्यौहार में हमारे साथ रंगों का आनंद ले रहा है  
हमारे जीवन में प्रकृति के इन विभिन्न रंगों की बहुत अहमियत है हमारी हर खुशी, हर भावना को व्यक्त करने वाले और जीवन को महकाने वाले ये रंग ही तो है तो इन जीवन के रंगों के साथ हम सब प्रेम से होली मनाये 


बड़ो का आशीर्वाद मुझ पर सदा बना रहे मित्रो का साथ और स्नेह मुझे मिलता रहे 
                                                        बुद्धिजीवियों को  ब्लॉग जगत के धुरंधरो को ब्लोगरो को लेखको को पत्रकारों को मेरे ब्लॉग के पाठको को मित्रो को होली की शुभ कामनाये 


       खूब चले पिचकारी चले रंग की धार जीवन में लाये नित नए रंगों की बौछार 

  फिर इस बार शांति और सदभावना के साथ मने यह होली का त्यौहार 

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मनीष जायसवाल 
बिलासपुर 
छत्तीसगढ़ 

Friday, March 18, 2011

मेरी नजर से कुछ अखबारों की कतरने

मेरी नजर से कुछ अखबारों की कतरने 

यह कैसा हेर फेर इस में लोगो की मेहनत की कमाई लुट रही है 
मैं हर बार लोगो से कहता हूँ की जमीन का या प्रोपर्टी का टाइटल जाँच कर ही   खरीदे फिर चाहे वह लिंगियाडीह हो मोपका या फिर अशोक नगर .या फिर क्यों न पैसे वालो की कालोनी विद्या नगर हो 








सभार भास्कर व नई दुनिया

Tuesday, March 8, 2011

बिलासपुर प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 4


                                    बिलासपुर प्रॉपर्टी  मार्केट के  सवाल जवाब भाग 4
राजेश नायर जी मेरे बहुत पुराने मित्र है वे  LIC एजेंट है और उन्हों ने अपना पैसा पालिसियो और बांड्स पर भी निवेश किया है . राजेश नायर जी का मकान भी फाइनेंस है और अब वो प्रॉपर्टी लेना चाहते है .उनका बजट करीब 8 से 10 लाख का है
वो निर्णय नहीं कर पा रहे है की उन्हें कहा पर जमीन खरीदनी चाहिए .
  
राजेश जी  आप के इस बजट में आप को बहुत ही कम  विकल्प मिल सकते है . यदि आप जमीन को अपने निजी इस्तेमाल के लिए खरीदना चाहते हैं तो आपको रिहाइशी इलाके में जमीन खरीदनी चाहिए.  निवेश के लिए आपको कमर्शियल क्षेत्र में खरीदारी करनी चाहिए क्योंकि इससे किराये की आमदनी हो सकती है .

और आने वाले 8 से 10 सालो की सोच कर यदि आप निवेश का मन बना रहे है तो जहा पर अभी योजनाओ की घोषणा हुई है वह पर कोई  भी जमीन खरीद ले जैसे की अरपा नदी के विकास की योजना बनी है . आप को अरपा से लगी हुई 400से 500 मीटर दूर पर कोई भी जमीन खरीद सकते है आने वाले समय में नदी से लगी हुई जमीनों की कीमत 10 से 2000 गुना तक भी बाद सकती है गुजरात में अहमदाबाद में सबरमति नदी पर रिवर फ्रंट  प्रोजेक्ट से लगी हुई जमीनों के दाम सबसे बड़ा  उधाहरण  है .
आप इतने कम बजट में बाईपास से लगी हुई किसी भी ग्रामीण सड़क से 500 से 800 मीटर दूर कही भी जमीन खरीद सकते है . इन्हें  खोजना थोडा मुश्किल होगा इस  के लिए आप प्रॉपर्टी के ब्रोकर की मदत ले सकते है 8 से 10 सालो के बाद इसमें बहुत बढ़िया रिटर्न आने की जबरदस्त सम्भावना है
उधाहरण के लिए आज बहतराई और खमतराई जाने वाली सडक के किनारे की जमीने या फिर मंगला और रायपुर नाका के बिच बना रिंग रोड 2 में  घुरू और अमेरी रोड पर जमीनों की कीमतों को देख ले
    

Sunday, March 6, 2011

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 3

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 3

 प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब मेरे इस अध्याय को प्रारम्भ करने से मुझे आज फोन पर श्री झा जी ने घर पर बुलवाया और प्रॉपर्टी मार्केट से जुडी बहुत सी बाते हुई आज पहली बार मुझे किसी ने 1000  रूपये की बिना बोले फ़ीस दी है . यह मेरे प्रॉपर्टी के सलाहकार होने की पहली फ़ीस है .
एक सफल व्यवसायी श्री झा जी से बहुत सी बाते हुई है मैं उनके सबसे महत्वपूर्ण सवालों को आप लोगो के सामने प्रस्तुत है 
श्री झा जी ने अपनी एक प्रॉपर्टी बेचने वाले है और उस प्रॉपर्टी से होने वाली आय में से वो  करीब 70 से 80 लाख रूपये का निवेश प्रॉपर्टी पर  करना चाहते है .
 मैंने झा जी से कहा - झा जी सीधा सा एक फंडा है हमेशा जहा पर बहुत तेजी चलती रहती है वह पर प्रॉपर्टी बेचना फायदे का सौदा रहता है और जहा पर मार्केट धीमा रहता है वहा पर खरीदी करनी चाहिए  .
झा जी 4 से 5 साल के लांग टर्म  में 70 से 80 लाख रुपया  निवेश करने वाले है .
आज मोपका ,बहतराई , खमतराई , बिजोर , तिफरा , बोदरी ,बिलासपुर शहर के बाई पास , रायपुर रोड,  सकरी, उसलपुर, इन सब जगहों पर आवासीय और व्यवसायिक  प्रॉपर्टी काफी महंगी हो गई है . और बिलासपुर शहर की सीमाए इन जगहों से लगी हुई है .ऐसे इन जगहों में से मोपका , उसलापुर , सकरी में  व्यवसायिक प्रॉपर्टी पर निवेश किया जा सकता है आने वाले 4 से 5 सालो में इन जगहों पर व्यवसायिक और कमर्शियल स्पेस की मांग बढेगी .नए बाई पास बेहतर विकल्प हो सकते है पर यहाँ पर अभी २५ से ४० लाख रूपये एकर से कम की नहीं मिलेगी और 5 सालो में कीमत दुगनी होने की उमीद ज्यादा है .
यदि आप आवासीय  प्रॉपर्टी पर निवेश करने की सोचते है तो मेरा नजरिया यह कहता है की आप अभी उसलपुर से लगे हुए हापा में जमींन खरीद सकते है वह पर आप के बजट के हिसाब से यहाँ पर लोकेशन के हिसाब से 5 से 8 एकर  खेत जा जमीन मिल सकती है . उसलापुर  करीब करीब कालोनियों से पट्टा जा रहा है और अब उसलपुर और हापा से लगी हुई सीमा में प्रोपर्टी  की मांग बढेगी 
यहाँ से कनेक्टीविटी  भी बहुत अच्छी है , सकरी से कोनी  बाईपास नजदीक ही है सकरी से बिलासपुर रोड पास में ही है उसलापुर रेल्वे स्टेशन भी नजदीक ही है और रेल्वे का जो उसलापुर से रेल्वे स्टेशन से बिलासपुर  रेल्वे स्टेशन तक का  फ्लाई ओवर का प्लान जो कागजो में है वो भी नजदीक ही है , उसलापुर और हापा के बिच आन्तरिक सड़के भी है  इसलिए वर्तमान में भी  कनेक्टिविट भी बहुत अच्छी है  कनेक्टीविटी  ऐसा फेक्टर है जिस पर प्रॉपर्टी की ग्रोथ निर्भर करती है और आने वाले समय में यहाँ पर कनेक्टीविटी   और बेहतर होने की सम्भावनाये ज्यादा है .और यहाँ पर आने वाले 5 सालो में यदि कालोनिया बनती है तो  निवेश 500  प्रतिशत रिटर्न मिलने की सम्भावनाये ज्यादा है . 
आप उसलापुर या व्यापर विहार में कमर्शियल स्पेस भी ले सकते है यहाँ से आप को सालाना रिटर्न की उमीद भी है और 5 सालो बाद कमर्शियल स्पेस की कीमत भी 40 से 100 प्रतिशत बढ सकती है . 
आप अरपा नदी से 400 मीटर दूर  सेंदरी से तुरकाडीह , कोनी , घुटकू इन जगहों पर भी बेहतर निवेश हो सकता  है अरपा विकास चलू होते ही इन जगहों की प्रॉपर्टी बूम करेगी क्योकि अब कृत्रिम प्रॉपर्टी की बूम के लिए कुछ ज्यादा जगह नहीं बची है .
और भी बहुत कुछ बाते हुई जैसे की  अभी प्रॉपर्टी का बूम पैदा हो सकता है .और भी बहुत सी चरचाये हुई.
                      इस धधे में  गोपनीयता की अनिवार्यता होनी चहिये इस वजह से  मैं अन्य बातो की सार्वजनिक चर्चा नहीं करना नहीं चाहता 



Wednesday, March 2, 2011

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल-जवाब भाग - 2

             बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल-जवाब


                        बिलासपुर प्रोपर्टी मार्केट 


ब्लॉग लिखते हुए मुझे जितेन्द्र षडंगी जी ने सवाल पुच्छा है की उन्हें २ से ३ लाख तक का बिलासपुर में  आवासीय प्रॉपर्टी पर करना है  जितेन्द्र षडंगी जी तृतीय वर्ग के शासकीय कर्मचारी है . और पूछते है की क्या उनका मकान फयनास हो सकता है 

 जितेन्द्र षडंगी जी आप को इतने कम बजट में केवल होउसिंग बोर्ड की कालोनी में ही मकान मिल सकता है उस में भी आय की एक सीमा रहती है . आप कोशिश करे की मंगला में जो होउसिंग बोर्ड की कालोनी है उस पर आपना ध्यान केन्द्रित करे २ लाख केश अगर आप देते है तो  बाकि आप का मकान फयनास भी हो सकता है क्योकि आप सरकारी कर्मचारी है और इस से कम में भी फयनास हो सकता है . 
रही बात होउसिंग बोर्ड की कालोनी की तो वह पर आप को चौड़ी  सडक,  नाली ,पानी ,बिजली ,सीवर लाइन, जैसी सुविधाए इतने कम बजट में कही नहीं मिलेगी .
जितेन्द्र षडंगी जी मंगला में आने वाले समय में आप को आज किया हुआ निवेश बहुत अच्छा रिटर्न देगा तो बेहतर होगा की आप मंगला के होउसिंग बोर्ड के बारे में सोचे