Monday, February 28, 2011

प्रॉपर्टी पर निवेश का आधार


मैंने प्रॉपर्टी पर निवेश करने वाले लोगो को  अक्सर देखा है कि लोग प्रॉपर्टी की कीमतें कम होने या ज्यादा लगने के कारण  लम्बे समय तक  प्रॉपर्टी नहीं खरीदते, वैसे भी  रीयल एस्टेट सेक्टर में प्रॉपर्टी दाम आसानी से गिरते नहीं हैं, इसलिए आपका यह इन्तजार नुकसान का कारण भी हो सकता है . ऐसा भी हो सकता है कि जब आप प्रॉपर्टी में वास्तव में निवेश करने का मन बना चुके हो तब आपने जो पूर्व में प्रॉपर्टी देखी हो वह वर्तमान में दुगनी हो गई हो  और वहा की प्रॉपर्टी के  दाम आपकी पहुंच से बाहर निकल चुके हों .  इस स्थिति से बचने के लिए जितनी जल्दी हो सके, प्रॉपर्टी खरीदने के अपने फैसले पर अमल करना चाहिए  
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले मार्केट का अनुमान लगाने के बाद यह तय करें कि प्रॉपर्टी पर निवेश करने  को लेकर आपके परिवार की जरूरतें क्या हैं? प्रॉपर्टी पर निवेश क्यों करना है . प्रॉपर्टी पर कितने दिनों के लिए निवेश करना है . किस तरह की प्रॉपर्टी पर निवेश करना है आवासीय , व्यावसायिक , खेती योग्य जमीन या कमर्शियल स्पेस  कुछ भी हो प्रॉपर्टी खरीदने से पहले निवेश का आधार तय करना जरुरी है . ऐसा नहीं होने से आप की जरुरत आने वाले समय में यदि एक बड़े घर की है और आपने  व्यावसायिक सम्पति खरीद ली है तो आने वाले समय में उसे बेच कर आप को बड़ा घर खरीदना पड़ेगा उस समय घर कीमत ज्यादा हो या कम कह नही सकते . या जहा आप घर लेना चाहते है वहा आप को घर न मिले ऐसा मैंने अक्सर देखा है 
मेरा सोचना यह है की जनसंख्या का घनत्व बढ़ता जा रहा है छोटे और बड़े शहरो में इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से खड़ा हो रहा है प्राय उभरते हुए शहरो का विकास होता जा रहा है . सोच समझ कर प्रॉपर्टी पर लांग टर्म के लिए  निवेश करे यह आने वाले समय में अच्छा खासा रिटर्न जरुर देगा .कोशिश करे की प्रॉपर्टी पर निवेश करने से पहले किसी प्रॉपर्टी एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लेले जिस से आप का प्रॉपर्टी पर निवेश सुरक्षित रहने की सम्भावनाये अधिक रहेंगी .


छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आप मुझसे भी निशुल्क प्रॉपर्टी पर निवेश के लिए सलाह ले सकते है मेरा मोबाईल नंबर 09827186375 है  

प्रॉपर्टी का वैल्यू इन यूज'


Value-in-use 


 प्रॉपर्टी का  लोकेशन ही प्रॉपर्टी की  कीमत तय करने का मुख्य आधार होता  है  इसके बाद, प्रॉपर्टी की उम्र, कंस्ट्रक्शन की उम्र प्रॉपर्टी से होने वाली आय  और भी कुछ  चीजों पर गौर किया जाता है  अंत में, ये सब बातें मिलकर प्रॉपर्टी की वास्तविक कीमत निर्धारित करती हैं निर्धारण के इस तरीके को प्रॉपर्टी का वैल्यूएशन कहते हैं .
इस कड़ी में "इंटरनैशनल वैल्यूएशन स्टैंडर्ड्स कमिटी " के आठ इडिशन प्रकाशित कर चुकी है। दुनियाभर के प्रफेशनल संस्थान इन स्टैंडर्ड्स को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर एक जैसा अप्रेज़ल सिस्टम लागू हो सके  इस बारे में मैंने आपने ब्लॉग में काफी कुछ लिखा है . 
रिअल एस्टेट अप्रेज़ल के विभिन्न तरीकों के आधार पर प्रॉपर्टी की वैल्यू की कई रूपों में गणना की जा सकती है

इस ब्लॉग में मै  Value-in-use को देसी भाषा में कुछ उदाहरण सहित लिखने का प्रयास किया है 

"इंटरनैशनल वैल्यूएशन स्टैंडर्ड्स कमिटी " के अनुसार  प्रॉपर्टी का  Value-in-use  

अगर कोई प्रॉपर्टी किसी विशेष उपभोक्ता के लिए विशेष प्रयोजन के तहत रकम उपलब्ध करा सकती है, तो उस 

कीमत को 'नेट प्रजेंट वैल्यू' या 'वैल्यू इन यूज' कहेंगे ,कि 'वैल्यू इन यूज' किसी विशेष उपभोक्ता के संदर्भ में होती 

है, सामान्य रूप में नहीं ऐसे में यह रकम प्रॉपर्टी की मार्किट वैल्यू से कम भी हो सकती है और उससे ज्यादा भी हो सकती है  
उदहारण के लिए यह भी कह सकते है  की  नवीन हाई कोर्ट बोदरी  के सामने जो भी व्यवसायिक परिसर बना रहे है या बनेगे वहा पर यदि आज ऑफिस स्पेस की कीमत 5००० से 7000 वर्ग फुट की कीमत पर यदि उपलब्ध हो रही है तो सामान्य तह यह कीमत ज्यादा है लेकिन देखा जाये तो यह ऑफिस स्पेस वकीलों के चेंबर या वकालत से जुडी संस्थाओ के लिए उपयुक्त है मतलब   विशेष उपभोक्ता के लिए विशेष प्रयोजन के लाभ दायक है . ऐसे में 5000 से 7000 वर्ग फुट की कीमत अधिक होते हुए भी विशेष उपभोक्ता के लिए लाभदायक  है . जबकि अन्य वर्ग के लिए कीमत ज्यादा है  क्योकि इस का उपयोग एक विशेष वर्ग अधिक कर सकता है .

अब बजट हर आम आदमी से जुड़ता जा रहा है . इसलिए जरुरी है की बजट को जानना की क्या क्या है हमारे बजट  में बजट से जुडी हुई कुछ मुख्य बातो का संकलन करने का प्रयास किया है इस में  श्री मुकेश अग्रवाल जी का भी सहयोग रहा है 
बजट से जुडी हुई कुछ मुख्य बाते 

बजट 2011 - मुख्य बातें
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में अधिक व्यय पर ज़ोर 
समाज कल्याण के लिए 58 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान 
बजट 2011-12 की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
कृषि-ग्रामीण क्षेत्र:
कृषि क्षेत्र में कर्ज़ के लिए 3.75 लाख करोड़ से बढ़ाकर 4.75 लाख करोड़ रखे गए हैं.
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बजट को बढ़ाकर 7,860 करोड़ का किया जा रहा है.
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के लिए चरणबद्ध तरीके से 30 अरब रुपए दिए जाएँगे.
नई फ़रटीलाइज़र नीति लाई जाएगी.
ग्रामीण मूलभूत ढांचे के लिए 180 अरब रुपए का प्रावधान रखा गया है.
ग्रामीण इलाकों में घरों के लिए मिलनेवाले कर्ज़ कोष को अब 2000 से 3000 करोड़ रुपए किया गया.
देश के पूर्वी हिस्सों में दूसरी हरित क्रांति के लिए 400 करोड़ की वृद्धि.
ग़रीबों के लिए:
ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए मिट्टी के तेल, रसोई गैस में मिलनेवाली रियायतें नकद राशि के तौर पर मिलेंगी.
भुखमरी और कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय फ़ूड बिल को संसद में पेश किया जाएगा.
सामाजिक क्षेत्र के लिए बजट में 17 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक वेतन 1500 रुपए प्रति माह से 3000 रुपए, सहायकों का वेतन 750 रुपए से बढ़कर 1500 रुपए होगा.
उद्योग जगत और विनिवेश:
सार्वजनिक क्षेत्र और अन्य स्रोतों से पूँजी विनिवेश किए जाने से लगभग 400 अरब रुपए जुटाए जाएँगे.
एक्साइज़ ड्यूटी को बिना बदलाव के दस प्रतिशत पर ही रखा गया है.
सेबी के साथ पंजीकृत म्यूचुयल फंड अब विदेशी निवेश भी ले पाएँगे.
बैंकिंग क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 6000 करोड़ रुपए का प्रावधान.
केंद्रीय एकसाइज़ करों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
सर्विस टैक्स रेट को भी बिना किसी बदलाव के 10 प्रतिशत पर रखा गया है.
लगभग 130 उपभोक्ता सामग्रियों पर 1 प्रतिशत एकसाइज़ टैक्स लगाया जाएगा.
शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण:
शिक्षा क्षेत्र के लिए 24 प्रतिशत की वृद्धि, कुल 52057 करोड़ का प्रावधान.
प्रारंभिक शिक्षा के लिए 21 हज़ार करोड़ रुपए रखे गए हैं.
इस साल 20 हज़ार लोगों को प्रशिक्षण, 75 प्रतिशत को नौकरी मिलेगी.
अनुसूचित जाती व जनजाति के नवीं और दसवीं के 40 लाख छात्रों को स्कॉलरशिप.
स्वास्थ्य क्षेत्र में 20 प्रतिशत वृद्धि और कुल 26760 करोड़ रुपए का प्रावधान.
आयकर:
आयकर में छूट की सीमा 1.6 लाख से बढ़ाकर 1.8 लाख की गई.
वरिष्ठ नागरिक कहलाने के लिए आयु सीमा को 65 से घटाकर 60 कर दिया गया है.
वरिष्ठ नागरिकों को छूट की सीमा को 2.40 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख किया गया.
जो वरिष्ठ नागरिक 80 साल के हैं, उनके लिए छूट की सीमा पांच लाख रुपए

बजट घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.6 फ़ीसदी रहेगा.
जीडीपी 8.6 फ़ीसदी,
 कृषि 5.4 फ़ीसदी, 
उद्योग 8.1 फ़ीसदी 
सेवा क्षेत्र 9.6 फ़ीसदी की दर से बढ़ा है,


कर्जों में धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्रीय रजिस्ट्री 31 मार्च, 2012 से काम करने लगेगी.
सार्वजनिक व्यय के देखरेख के लिए सी रंगराजन की अध्यक्षता में एक समिति.
भारत की अर्थव्यवस्था नौ फ़ीसदी दर से बढ़ने की उम्मीद है.
निर्यात इस वित्तीय वर्ष में 29.4 फ़ीसदी की दर से बढ़ा है.
आर्थिक सुधार वो ही महत्वपूर्ण हैं जो आम आदमी को प्रभावित करें.भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है, सबको मिल कर इसका मुक़ाबला करना है.


ग़रीबों को पैसा
ग़रीबी रेखा से नीचे रहनेवाले लोगों के लिए मिट्टी के तेल और रसोई गैस में मिलनेवाली रियायतें नकद राशि के तौर पर दी जाएगी. ये सरकार की सब्सिडी पॉलिसी में एक बड़े परिवर्तन और एक बोल्ड कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
वित्तमंत्री ने कहा है कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द लागू करने के लिए एक टास्क फ़ोर्स बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा है कि अभी मुख्य रूप से चुनौतियां हैं उच्च विकास दर बनाए रखने की, विकास में पूरे देश को शामिल करने की और सरकारी कार्यक्रमों को बेहतर करने की.
वित्त मंत्री ने कहा है कि ग्रामीण इलाकों में घरों के लिए मिलनेवाले कर्ज़ कोष को अब 3,000 करोड़ रूपए तक बढ़ाया जा रहा है. पहले ये 2,000 करोड़ का था.
वहीं कमज़ोर वर्गों को दिए गए कर्ज़ के इंश्योरेंस के लिए मार्गेज रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की जा रही है.
वित्त मंत्री ने कहा है कि भुखमरी और कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय फ़ूड बिल को संसद में पेश किया जाएगा.
वहीं सामाजिक क्षेत्र के बजट में 17 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मासिक वेतन को 1500 से बढ़ाकर 3,000 करने का एलान किया गया है वहीं सहायकों के वेतन को 750 से बढ़ाकर 1500 रूपए किया जाएगा.

कृषि
कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए उठाए गए कदमों का असर देखा जा रहा है और उन्हें जारी रखा जाएगा.
फल, सब्ज़ी, दूध, मांस जैसी वस्तुओं के उत्पादन और वितरण में जो समस्याएं हैं उन्हें दूर करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बजट को बढ़ाकर 7,860 करोड़ का किया जा रहा है.
देश के पूर्वी हिस्सों में हरित क्रांति लाने के लिए मौजूदा बजट में 400 करोड़ की वृद्धि की जा रही है.
कृषि के लिए कर्ज़ को और आसान किए जाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
देश में 15 विशाल या मेगा फ़ूड पार्क बनाए जाएंगे.
खाद्दान्नों की भंडारन क्षमता में निजी और सार्वजनकि क्षेत्रों के सहयोग से भारी वृद्धि की जाएगी.
कि सकल घरेलू उत्पाद की दर 8.6 प्रतिशत रहने की संभावना वहीं कृषि क्षेत्र में वृद्धि की दर 5.4 प्रतिशत होगी. सेवा क्षेत्र में उन्होंने कहा कि वृद्धि 9.6 प्रतिशतकी होगी. उद्दोग क्षेत्र में वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत होने की संभावना है.

शिक्षा और स्वास्थ्य
शिक्षा बजट में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी का एलान किया
 कुल बजट को 52,057 करोड़ कर दिया है.
व्यावसायिक शिक्षा यानि सीधी पेशे से जुड़ी शिक्षा पर इस बजट में ज़ोर दिए जाने का एलान है.
इसमें प्राइमरी शिक्षा के लिए 21,000 करोड़ रूपए रखे जाएंगे.
 राष्ट्रीय दक्षता विकास कोष में बढ़ोतरी का एलान किया है और कहा है कि देश में पंद्रह करोड़ दक्ष लोगों का लक्ष्य अब 2022 की जगह 2020 में ही पूरा हो जाएगा.
अनुसूचित जनजाति के नवीं और दसवीं कक्षा के 40 लाख छात्रों को राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना में शामिल किया जाएगा.
स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में वित्त मंत्री ने 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का एलान किया है और कुल बजट को बढ़ाकर 26,760 करोड़ का कर दिया है.
खदानों में काम करने वाले मजदूरों को भी राष्ट्रीय स्वास्थय योजना में शामिल किया जाएगा.

करों में छूट
आगामी वित्तीय वर्ष में बजट घाटे को 4.6 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य है. मौजूदा बजट घाटा 5.1 प्रतिशत का है.
 एक लाख साठ हज़ार से बढ़ाकर एक लाख अस्सी हज़ार बढ़ा दिया है.
 इस ब्रैकेट में आनेवाले सभी लोगों को दो हज़ार रूपए का फ़ायदा होगा.
 सीनियर सिटिजंस की आयु सीमा को 65 से घटाकर 60 कर दिया है और उनकी छूट की सीमा को 2.40 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख कर दिया गया है.
अस्सी साल से ज़्यादा के नागरिकों के लिए छूट की सीमा को पांच लाख कर दिया गया है.
 करों का भुगतान और वसूली दोनों को ही आसान बनाया जाए.
केंद्रीय एकसाइज़ करों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
सर्विस टैक्स रेट को भी बिना किसी बदलाव के 10 प्रतिशत पर रखा गया है.
130 उपभोक्ता सामग्रियों पर 1 प्रतिशत एकसाइज़ टैक्स लगाया जाएगा.
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क्या सस्ता, क्या महंगा
वित्त वर्ष 2011-12 के लिए आम बजट पेश करते हुए कहा कि कृषि मशीनरी पर सीमा शुल्क पांच से घटाकर 2.5 फ़ीसदी कर दिया गया है.
लघु सिंचाई उपकरणों पर सीमा शुल्क घटा दिया गया है, 
स्टेनलेस स्टील स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी ख़त्म कर दी गई है.
सस्ता
हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारें,मोबाइल फ़ोन,होम्योपैथिक दवाइयां,स्टील,एसी,एलईडी
रेफ्रिजरेटर, स्टील के सामान, कृषि मशीनरी, कच्चा रेशम, सिल्क, मोबाइल फ़ोन, सीमेंट, गाड़ियों के पुर्जे, हाइब्रिड कारें सस्ती होंगे.
महंगा
ब्रांडेड कपड़े,हवाई सफ़र,होटल के किराये,ब्रांडेड सोना,
लौह अयस्क निर्यात पर शुल्क बढ़ा दिया गया है.
एलईडी पर सीमा शुल्क 10 फ़ीसदी से घटाकर पाँच फ़ीसदी कर दिया गया है.
महंगा
 हवाई यात्रा  ब्रांडेड सोना, ब्रांडेड कपड़े, लौह अयस्क बड़े अस्पतालों में इलाज एसी होटलों में ठहरना महंगा होगा.
पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ेंगे
बजट में कस्‍टम और एक्‍साइज ड्यूटी कम करने की मांग को अनदेखा कर दिया गया है कच्‍चे तेल पर 5 फीसदी जबकि पेट्रोल व डीजल पर 7.5 फीसदी कस्‍टम ड्यूटी लगती रहेगी। इसी तरह पेट्रोल पर 14.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 4.60 रुपये एक्‍साइज ड्यूटी जारी रहेगी।
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one line high light
होम लोन में रियायत का एलान, 25 लाख रुपए के मकान के लिए 15 लाख रुपये तक के होम लोन पर 1 फीसदी ब्याज कम
दाल का उत्पादन बढ़ाने के लिए 300 करोड़ का प्रावधान
 डायरेक्ट टैक्स कोड 1 अप्रैल 2012 से लागू,
दूध का उत्पादन बढ़ाने 300 करोड़ का प्रावधान
किसानों को 4.75 लाख करोड़ का कर्ज
वक्त पर कर्ज लौटाने पर 3 फीसदी की छूट
7 फीसदी ब्याज पर किसानों को कर्ज
कृषि विकास दर 4.5 फीसदी रहने की उम्मीद
नए बैंकिंग लायसेंस पर गाइड लाइन इसी साल तय
कोल्ड स्टोरेज परियोजना को बढ़ावा
40 हजार टन अनाज जमा रखने का होगा इंतजाम
बुनियादी जरुरतों के लिए 2.14 लाख करोड़ का प्रावधान
सरकारी कंपनियों को बांड जारी करने की इजाजत
30 हजार करोड़ के टैक्स फ्री बांड की इजाजत
कृषि मंडी कानून में होगा संशोधन
दिल्ली मेट्रो का तीसरा चरण होगा शुरु
मुंबई में भी मेट्रो की सुविधा
धन की समस्या से निबटने के लिए 5 सूत्रीय कार्यक्रम
काला धन विदेश न जाए, इसके लिए अलग विभाग
खाद्य सुरक्षा बिल पेश होगा इसी साल
सामाजिक क्षेत्र के लिए 1.6 लाख करोड़
म्यूचल फंड में विदेशी निवेश को मंजूरी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों का वेतन दुगना
1500 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए किया
शिक्षा का बजट 52 हजार करोड़ रुपए का
शिक्षा बजट में 24 फीसदी का इजाफा
सर्व शिक्षा अभियान बजट में 40 फीसदी का इजाफा
सर्व शिक्षा अभियान का बजट 21 हजार करोड़ का
स्वास्थ्य के क्षेत्र में 26 हजार करोड़ होंगे खर्च
आईआईएम कोलकाता को 20 करोड़ की मदद
टैगोर के नाम पर 1 करोड़ का पुरस्कार
60 साल की गरीब महिलाओं को पेंशन
पहले 65 साल की महिलाओं को मिलती थी पेंशन
स्वच्छ उर्जा नीति के लिए 200 करोड़
नदियों की सफाई के लिए 200 करोड़ का प्रावधान
लद्दाख के विकास के लिए 100 करोड़ का प्रावधान
जम्मू में विकास के लिए 100 करोड़
मनरेगा के तहत मजदूरी को महंगाई दर से जोड़ेंगे
न्यायिक परियोजनाओं के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान
नक्सलियों द्वारा अक्षम जवानों को 9 लाख रुपए की मदद
जातिगत आधार पर मतगणना अलग से
62 विभागों को अपनी परियोजनाएं
रिटर्न न फाइल करने वालों की अलग कैटेगरी
टीडीएस देने वालों को रिटर्न भरने से आजादी
ईसीएस के जरिए टैक्स भरने की सुविधा पूरे देश में
कुछ वेतनभोगियों को टैक्स भरने से छूट का प्रस्ताव
छोटे करदाताओं के लिए सुगम योजना
अतिरिक्त आय न होने पर नहीं भरना होगा रिटर्न
कंपनियां ही भरेंगीं वेतनभोगियों का रिटर्न एक्साइज ड्यूटी में रियायत वापस लेने के संकेत
आयकर में छूट की सीमा 1.60 लाख रुपए से बढ़कर 1.80 लाख रुपए हुई
महिलाओं के लिए छूट घटी, 1.90 लाख रुपए से घटकर 1.80 लाख रुपए हुई
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीमा 2.5 लाख रुपए
पहले सीमा थी 2.4 लाख रुपए
वरिष्ठ नागरिकों की आयु सीमा 65 से घटाकर 60 साल हुई
80 साल से उपर के नागरिकों को मिलेगी विशेष छूट
80 साल से उपर 5 लाख तक कोई टैक्स नहीं
छोटे करदाताओं के लिए सरल फार्म
वित्तीय घाटा 5.4 से घटकर 5.1 फीसदी हुआ
20 हजार के इंफ्रा बांड पर टैक्स छूट अगले साल भी
130 उत्पादों एक्साइज छूट वापस
अर्थव्यवस्था की विकास दर नौ प्रतिशत रहेगी और महँगाई आने वाले महीनों में घटेगी. 


Friday, February 4, 2011

खेती योग्य कृषि भूमि

छत्तीसगढ़  राज्य बनने के बाद से खेती योग्य कृषि भूमि का उपयोग आवासीय और औद्योगिक  उपयोग होने से कीमतों में जम कर उछाल आया है.  जैसे जैसे शहरीकरण बढता जा रहा है वैसे  महानगरो और छोटे बड़े शहरो पर आबादी का  बोझ बढता रहा है . छत्तीसगढ़ का विकास पिछले 10 सालो से निरंतर बढता जा रहा है. छत्तीसगढ़ के दुर्ग- भिलाई  , रायपुर , बिलासपुर , रायगढ़ में विकास जमकर देखने को मिला है .और इन शहरो का दायरा भी बढ़ा है . स्वाभविक है की इन शहरो के दायरे बड़ने से यहाँ की प्रॉपर्टी की  कीमतों में भी उछाल  आया है . 
      बिलासपुर में भी शहर का दायरा बड़ा है . बिलासपुर से लगे आसपास के ग्रामीण इलाको में भी प्रॉपर्टी के दाम भी 400 से 800 प्रतिशत बढे  है. कभी उस्लापुर में जो जमीने या खेती की जमीन १ लाख रूपये एकड मिलजाती थी वो अब 20 से 30 लाख रूपये  में भी नहीं मिल रही है . सेंदरी कछार में जो कभी ५० हजार रूपये एकड की जमीन अब 8 से 10 लाख रूपये एकड हो गई है . शहर से लगी हुई जमीने अब किसानो से दुर होती जा रही है , और किसान भी जमीने बेच कर  शहर से दुर होते चले जा रहे है . सिर्फ १० सालो में ऐसा हुआ है    
छत्तीसगढ़ बनने के बाद से विकास की तस्वीर सामने आई है उस से प्रभावित हो कर बहुत से लोग जो बहरी राज्यों से आकर यहाँ बसे और जो उन्हों ने यहाँ पर अँधा धुन  जमीने खरीदी है उस से यहाँ प्रॉपर्टी की कीमते बढती जा रही है .
            एक कारण यह भी है की  पंजाब, हरियाणा की तुलना में छत्तीसगढ़ में खेती योग्य कृषि भूमि के सस्ते दामों पर उपलब्ध होने से वहां के किसान भी अपनी जमीनों को अच्छे दामो में बेचकर यहाँ  खेती योग्य कृषि भूमि पर अपना निवेश किये है और कर रहे है . इसके कारण खेती की भूमि के दामो  में एकाएक पिछले 8  से 10  सालों में कीमतों में उछाल आया हैं .
एक कारण यह भी है व्यापारी हो या अधिकारी खेती योग्य कृषि भूमि पर निवेश ईस लिए भी कर रहा है क्योकि  की  कृषि से होने वाली आय कर मुक्त है . इसी वजह से  बड़ी मात्रा में खेती की भूमि का क्रय-विक्रय हो रहा हैं . जिससे कृषि भूमि के भाव आसमान छूने लगे हैं .
एक कारण यह भी है की वर्तमान में अनाज की कीमतों में जो हुई बढ़ोतरी दर्ज हुई है उस के कारण किसान अपनी कृषि भूमि बढ़ाना चाहते हैं और ईस वजह से भी खेती योग्य कृषि भूमि की मांग बढती जा रही है .
एक कारण यह भी है की छत्तीसगढ़ शासन ने जो औद्योगिक  उपयोग के लिए कृषि भूमि या  निजी भूमि को औद्योगिक संस्थानों की स्थापना के लिए निजी भूमि अधिग्रहित किए जाने पर पड़त भूमि के लिए छह लाख रूपए प्रति एकड़, एक फसली असिंचित भूमि के लिए आठ लाख रूपए प्रति एकड़ और दो फसली सिंचित भूमि के लिए दस लाख रूपए प्रति एकड़ मुआवजा का निर्धारण किया गया है निजी भूमि अधिग्रहण में नवीन दरों के अनुरूप किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है इन कारणों से भी कृषि भूमि के दाम बड़ने लगे है .
मुझे उपरोक्त कारण नजर आते है जो की खेती योग्य कृषि भूमि की कीमतों को बढाने की प्रमुख वजह है