Saturday, April 30, 2011

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 8

मेरे ब्लॉग पर प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब शुरू करने के बाद से मुझे बहुत से लोग  प्रॉपर्टी में निवेश के लिए नए नए सवाल करने लगे है . जिसका मैं संतोष जनक जवाब देने की कोशिश करता हूँ और कुछ चुनिदा सवालो को ही आपने ब्लॉग में लिखता हूँ . और वह भी मुझसे सलाह लेने वाले की स्वीकृति की बाद ही आपने सुझाव ब्लॉग पर पोस्ट करता हूँ .
विजय भोजवानी ने कुछ दिनों पहले सीपत रोड में अपना प्लाट बेचा है और प्लाट बेचने के लिए उन्हें काफी पसीना बहाना पड़ा है और वो अब कमर्शियल उपयोग की प्रॉपर्टी  लेना चाहते है  उनकी पसंद तेलीपारा ,लिंक रोड , या प्रताप चौक के आस पास कही पर भी निवेश करने की इच्छा है . उस जगह पर आने वाले 2 से 3 सालो कोई ब्रांडेड शॉप खोलने का भी प्लान है 
जवाब - विजय जी यदि आप कमर्शियल यूस के लिए   प्रॉपर्टी देख रहे है और आप को 2 से 3 साल के बाद उस पर कोई व्यापार  भी करना है तो मुझे लगया है की सबसे पहले आप को उन जगहों का चुनाव करने से बचना  चाहिए जहा पर पार्किंग की समस्याए है , आज तेलीपारा, लिंक रोड, प्रताप चौक  इन जगहों पर ट्राफिक और पार्किंग की समस्या है और आने वाले दो से तिन सालो में और भी गंभीर होने की सम्भावनाये लग रही है . और वर्तमान में इन जगहों की कीमते भी अधिक है , और 5 सालो के बाद इन जगहों पर कोई भी  प्रॉपर्टी  की कीमते स्थिर रहेंगी बूम नहीं मिलेगा .माना की  व्यापर की दृष्टि से ठीक है पर निवेश भविष्य को देख कर किया जाना चाहिए . 
मेरे हिसाब से आप को अभी इमलीपारा वाली रोड ( रघुराज स्टेडियम के पीछे की सड़क ) पर ध्यान देना चाहिए .
कीमत , कनेक्टिविट ,व्यापार संपर्क, उपलब्धता ,पार्किंग , 3 सालो के बाद काया कल्प की तस्वीर का दिखना ,चौड़ी सड़के सब फेक्टर मुझे नजर आ रहे है तो मेरी राय है की आप इस जगह के बारे सोचे . बाकि  तेलीपारा, लिंक रोड, प्रताप चौक भी बुरी लोकेशन नहीं है 

Tuesday, April 26, 2011

मेरी नजर से कुछ अखबारों की कतरने

बिलासपुर  की अरपा विकास की योजना में निजी जमीने  नहीं ली  जाएगी यह इस  प्रोजेक्ट  का सबसे  दूसरा सबसे सुखद पहलु  है , यह सच है की बिलासपुर के विकास के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर नदी के किनारे बसने वाले लोगो को अपने घरोंदे उजड़ने की चिंता सता रही थी. इस बारे में मुझसे भी बहुतो ने सलाह ली थी . अमर अग्रवाल जी का  प्रेस वार्ता में दिया गया यह बयान  दिवाली की ख़ुशी से कम नहीं है . ज्ञात हो की  गुजरात में साबरमती प्रोजेक्ट के अलावा हैदराबाद में आंशिक रूप से नदी के विकास पर काम चल रहा है . देश में बिलासपुर का प्रोजेक्ट तीसरा नदी पर विकास का प्रोजेक्ट होगा .
साभार :
नई दुनिया 

बिलासपुर बिल्डर्स एसोसिएशन

कुछ दिनों पहले बिल्डर्स एसोसिएशन की एक बैठक आहूत की गई जिसमे की श्री  प्रकाश ग्वालानी  बिल्डर्स एसोसिएशन के नए अध्यक्ष  चुने गए 

बिलासपुर बिल्डर्स एसोसिएशन  BBA की हॉटल ईस्ट पार्क में हुई एक बैठक हुई जिसमे श्री प्रकाश ग्वालानी जी को बिलासपुर बिल्डर्स एसोसिएशन  का अध्यक्ष चुना गया. एसोसिएशन  के  संरक्षक श्री विवेक वॉजपेयी, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री राजेश अग्रवाल, श्री नरेंद्र कछवाहा, अध्यक्ष - श्री प्रकाश ग्वालानी, उपाध्यक्ष - श्री जगदीश ग्रोवर,श्री केसरी राजपाल , श्री बृजेश साहू, सचिव - श्री संजीव सिंह, सह-सचिव  श्री घनश्याम शुक्ला, कोषाध्यक्ष - श्री पीएन बजाज, सह कोषाध्यक्ष - श्री नरेश कंजानी, सलाहकार -  श्री अमित अग्रवाल, श्री ओपी मिश्रा, श्री अजय श्रीवास्तव, श्री बबलू भाटिया ,श्री  ज्योतिमय आर्य, श्री संदीप पांडेय को बनाया गया

Sunday, April 24, 2011

property investment tips


बाई पास - 1


कुछ लोकेशन पर प्रॉपर्टी पर निवेश करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है जैसे की नए बाई पास पर 
व्यवसायिक प्लाट , खेत , शॉप , यहाँ व्यवसयिक गतिविधिय ज्यादा होती है जिसे प्रॉपर्टी की कीमत बड़ते 
रहने की सम्भावनाये ज्यादा होती है


मेरा मनन है की प्रॉपर्टी पर निवेश करने के लिए नए बाईपास रोड से लगी हुई प्रॉपर्टी सबसे बढ़िया विकल्प 
होती है. बाई पास का डेवलपमेंट सबसे पहले होता है. यहाँ पर व्यापर के बहुत से विकल्प मौजूद रहते है , 5 से 6 साल के टर्म में योग्य मार्ग दर्शन में किया गया निवेश 5 से 6 गुना तक का रिटर्न दे सकता है .


उदहारण के लिए मैं बिलासपुर के पहले रिंग रोड  ( बाई पास ) की बात करता हूँ . लिंक रोड से महाराणा प्रताप  चौक तक का पहला बाई पास अब शहर का केंद्र बन गया है . दूसरा बाईपास रिंग रोड २ भी शहर का सबसे पाश एरिया बन गया है . अब यही हाल आने वाले समय में सकरी पेनड्रीडीह सकरी कोनी बाई पास का होगा हलाकि यह बहुत बड़े सर्कल में बना है फिर भी 5 से 8 सालो में इस का काया कल्प होगा . 
सबसे महत्व पूर्ण बात यह है की इन जगहों में कहा पर निवेश किया जाए ,और कैसा निवेश किया जाए .  इस 


विषय में मैं लिखना बहुत कुछ चाहता हूँ पर शेष अगले ब्लॉग में 

Friday, April 22, 2011

property investment tips

यदि आप को आप के मन मुताबिक प्लाट नहीं मिल रहा है और आप प्रॉपर्टी लेना ही चाहते है तो कोई भी शहर के नजदीक के ग्रामीण रेलवे स्टेशन के सामने खेत या जमीन लेने से यह आप के फार्म हाउस और भविष्य के सोना उगलने वाली प्रॉपर्टी से कम नहीं होगा जब शहर बढ़ेंगे तब इन शहर के नजदीक के ग्रामीण रेलवे स्टेशन के आसपास काफी हलचल होगी . यहाँ पर डबल कनेक्टीविटी फेक्टर होगा और यही फेक्टर रियल स्टेट की जान है  कहने का अर्थ यह है की इन शहर से लगे ग्रामीण इलाको के रेलवे स्टेशन भविष्य के  उप नगरीय  रेल शहर होंगे  जहाँ  पर मजदुर , शिक्षक ,विद्यार्थी , माध्यम वर्गीय नौकरी  पेशा व्यवसायी  और भी  लोग रहने जो ग्रामीण इलाको को छोड़ कर रोजगार की तलाश  में बड़े और माध्यम वर्ग  के शहरों की और आयेंगे . 
 आने वाले कुछ 5 से 10 सालो के बाद इन बड़े और माध्यम वर्ग  के शहरो में प्रॉपर्टी के दाम बहुत बाद चुके होंगे . और शहर की प्रॉपर्टी इस वर्ग से दूर होगी . तब यह वर्ग ग्रामीण इलाको के रेलवे स्टेशन से लगे इलाको में रहने के लिए आयेगे और इन के पीछे व्यवसायिक गतिविधिया या बाजार भी आएगा . बेहतर सड़क और रेल संपर्क होने से इन जगहों की डिमांड भविष्य में बढ़ने की सम्भावनाये ज्यादा होंगी .और फार्म हाउस से सालाना आय की गुंजाईश भी रहेगी .और वर्तमान में किये गए निवेश का प्रतिफल शानदार नतीजे देने वाला होगा .
उदाहरण के लिए 15 साल पहले मुंबई .नासिक ,पुणे ,नागपुर ,इलाहबाद लखनऊ ,अहमदाबाद , भोपाल से लगे ग्रामीण रेलवे स्टेशन के  इलाके जो अब उप नगरीय की नगर की श्रेणी में आते है .
मैं आपने शहर बिलासपुर की बात करू तो उस्लापुर और चकरभाटा , रायपुर का सरस्वती नगर , नागपुर का कामठी , कलामना , इतवारी ,अजनी आदि ऐसे बहुत से  उदाहरण आप को रेल यात्रा के दौरान बड़े या माध्यम शहर के आने के पहले छोटे छोटे रेल स्टेशन को देखने से मिल जायेंगे . 

Wednesday, April 20, 2011

Building material cost in Bilaspur

Building material cost in Bilaspur

मैंने अनुभव किया है की जमीन खरीदने के बाद मकान बनवाना बहुत टेढ़ा काम है , खास कर जब आप नौकरी पेशा हों .मकान के नक़्शे पास करवाने , लेबर ठेकेदार के पीछे चक्कर काटने से लेकर बिल्डिंग मटेरियल की व्यवस्था करने तक काफी पापड़ बेलने पड़ते है , तब कहीं जाकर मकान तैयार होता है . खुद मकान बनवाने में बहुत सी बाते ध्यान रखनी पड़ती है . विशेष कर बिल्डिंग मटेरियल की खरीदी को लेकर . 
मैंने देखा है की ज्यादा तर लोग पैसा सही देते है पर उन्हें  बिल्डिंग मटेरियल अच्छी गुणवत्ता वाला नहीं मिल पता है और मिलता भी है तो अधिक  कीमतों में इस वजह से भवन निर्माण की लागत बढ जाती है . जिसके फलस्वरूप  बजट बढ़ जाता है और कटोती करने के लिए आन्तरिक साज सजा और फिनिशिंग के कार्यो में अधूरापन दिखता है या कमी करनी पड़ती है. अतः बिल्डिंग मटेरियल खरीदने से पहले मार्केट में कीमतों को अच्छी तरह पता करने की बाद ही खरीदे इस में लापरवाही आप का बजट बिगड़ सकती है .


बिलासपुर में बिल्डिंग मटेरियल के की निम्न  कीमते चल रही है  

Metals

Masturi -
Metal 20' mm 4200/- to 4800 /- dumper
Metal 40' mm 3600/- to 4200/- dumper



Akaltara 
Metal 20' mm 5200/- to 6200/-
Metal 40' mm 4000/- to 5200/- 



Bilha 
Road Metal for Base
Metal 40'+60' mm (mix) 2200/- to 2600/- dumper


Bricks 
fly ash Bricks  8' inch 1800/- to 2000/-
fly ash Bricks  9' inch 2500/- to 2800/-


Clay Bricks  Chimni 9' inch 2400/- to 3000/-
Clay Bricks  panja   9'inch 2000/- to 2600/-


Fine Sand (Baarik)  
Sand 1200/- to 1500/- 


Sand in Haiwa 2200/- to 2500/-


Sand in traktar 600/- to 900/-

For filing (with gota and bajri )
Sand 900/- to 1200/-dumper

sand in Hyva 1800/- to 2200/-                                                      

sand in traktor 550/- to 700/-


Cement 


240 /- to  260/-  50kg. beg
 


TMT Iron Bars



6'   mm    - 39/- to 41/-  kg .

8'   mm    -38/- to  40/-  kg.

10' mm   -38/- to   40/-  kg.

12' mm   -38/- to   40/-  kg.


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बिल्डिंग मटेरियल की कीमते कम ज्यादा हो सकती है यह कोई अधिकारिक  कीमते नहीं है मैंने जो बिल्डिंग मटेरियल की कीमते यहाँ पर लिखी है वह बिलासपुर के  बिल्डिंग मटेरियल सप्लायरो , ठेकेदारों ,निर्माण कार्य से जुड़े लोगो व अपने construction work experience के आधार पर लिखी है
बिल्डिंग मटेरियल खरीदने से पहले अच्छी तरह पुछ परख कर ही खरीदे , कम से कम दो से तिन मटेरियल सप्लायरो से भाव ताव कर के खरीदने से कुछ पैसो की बचत हो सकती है ऐसा मेरा अनुमान है . 

Monday, April 18, 2011

Sai krishna City kota

Sai krishna City kota

बिलासपुर से २८ वे किलो मीटर पर कोटा है .. यहाँ पर सी वी  रमन यूनिवर्सिटी भी है यहाँ पर एक रेशीडेंशियल प्रोजेक्ट साईं  कृष्णा सिटी  चल रहा है  जिसकी  मैंने कुछ दिनों पहले मैं साइड विजीट की थी . मुझे यहाँ काफी सम्भावनाये देखने को मिली ..जो कुछ इस प्रकार की है . डॉ . सी . वी . रमन यूनिवर्सिटी के सामने है तो उसका लाभ मिलना तय है . कोटा नगर पंचायत होने से बहुत सी सुविधाए होंगी,  अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया होने से भविष्य में बड़े पर्यटन के क्षेत्र रूप में विकसित होता रहेगा .कोटा में बहुत से शासकीय कार्यलय होने से आवासीय आवासीय आवश्यकता को देखते हुए प्रोजेक्ट बहुत बढ़िया है  और प्रोजेक्ट से  कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है ,कनेक्टिविट ही रियल स्टेट को प्रभावित करती है कनेक्टिविटी से ही इस सेक्टर की ग्रोथ निर्धारित होती है . 
  
कोटा रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है कोटा से बिलासपुर और कोटा से  कटनी - दिल्ली - चिरमिरी -अंबिकापुर का रेल नेटवर्क जुड़ा हुआ है . यहाँ पर पेसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेने रूकती है .और रतनपुर और लोरमी के आस पास के लोग भी इन रुटो की यात्रा करने के लिए कोटा का उपयोग करते है .कुल मिलकर कहा जाय की रेल कनेक्टिविटी अच्छी  है .
बिलासपुर से कोटा सडक मार्ग बहुत बढ़िया है . कोटा से अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया 10 किलोमीटर दूर से शुरू हो जाता है . कोटा से लोरमी - जबलपुर कोटा से रतनपुर -पेंड्रा सड़क संपर्क से जुड़ा हुआ है .
 कनेक्टिविटी फेक्टर के हिसाब से कोटा बेहतरीन है और यहाँ पर  शानदार सम्भावनाये नजर आती है .

इस प्रोजेक्ट में मुझे सबसे महत्वपूर्ण यह लगा की  कोटा में यह प्रोजेक्ट सभी शासकीय विभागों द्वारा स्वीकृत है 
 मेरी जानकारी के हिसाब से सन 2009 -10 -11 की यह  कोटा में निजी पहली वैध कालोनी है जिसे टाउन एंड कंट्री प्लान विभाग से स्वीकृति  लेकर यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है .साईं  कृष्णा सिटी  के प्रमोटर एंड डेवलपर्स श्री राजकुमार द्विवेदी जी से प्रोजेक्ट के बारे में चर्चा हुई उन्हों ने इस प्रोजेक्ट से जुडी हुई कुछ विशेषताए बताई जो इस प्रकार है 

यह आवासीय प्रोजेक्ट है और यह 
* बिलासपुर कोटा मार्ग पर स्थित है 
* डॉ . सी . वी . रमन यूनिवर्सिटी के सामने है 
* वास्तु के अनुरूप प्लाट है 
* कालोनी का खुद का ट्रांसफार्मर 

* सुरक्षा की दृष्टी से प्रोजेक्ट के चारो ओर बाउंडरीवाल 
* कालोनी की सड़के३० फुट व अन्दर की सड़क २५ फुट की 
* शानदार भव्य प्रवेश द्वार 
* पम्प हाउस हर प्लाट तक पाइप लाइन की व्यवस्था 
* कमर्शियल प्लाट रेसीडेंशियल रेट पर 
*फायनेस की सुविधा भी उपलब्ध है 

 इस प्रोजेक्ट की बुकिंग प्रारंभ है बुकिंग के लिए आप संपर्क कर सकते है

साईं  कृष्णा सिटी  
प्रमोटर एंड डेवलपर्स 
श्री राजकुमार द्विवेदी 
ph .98271 -68592
 आफिस 
शिव राज  डेवलपर्स  एंड प्लानर्स 
साईं प्लाजा Cmd कालेज के सामने  लिंक रोड बिलासपुर C.G.
9407767511 ,9301057357



Friday, April 15, 2011

Construction Rates in Bilaspur

Construction Rates of Residential Buildings

आशियाना बनना सब का सपना होता है लोग मेहनत से अपना आशियाना बनाते है , आशियाना बनाते समय बहुत सी बाते जानकारिय बहुतो को नही मिल पाती है . बिलासपुर के प्रोपर्टी मार्केट में निर्माण  की लागत रायपुर व अन्य शहरो की तुलना में कम है यहाँ मटेरियल कास्ट कुछ काम है .
बिलासपुर में ज्यादा तर स्वतन्त्र आवास में Pile Foundation का उपयोग ही किया जाता है बिलासपुर के 70 % कालोनियों में Pile Foundation डाला जाता है 
इसके पीछे तकनिकी तर्क यह है की बिलासपुर भूकम्पग्रस्त क्षेत्र में नहीं आता है . 
जहा पर काली मिटटी अधिक है वह पर  Pile और कालम RCC kalam structureका उपयोग 
अधिक किया जाता है 

ECONOMIC HOME CONSTRUCTION RATES IN BILASPUR


RCC framed structure 

Ground floor construction rate  Rs.650/- per sq. ft. to Rs.750/- per sq. ft


First floor construction rate  Rs.550/- per sq. ft. to Rs.650/- per sq. ft


Second construction floor rate    Rs.600/- per sq. ft.to Rs.700/- per sq. ft


बिलासपुर में  भवन निर्माण के रेट्स के लिए मैंने कुछ लोगो से संपर्क किया मेरे कुछ मित्र जो की बिलासपुर के architect,civil engineer,civil contractors, है उन्हों ने material cast, labor cost , के आधार पर निर्धारित है , और यही मार्केट में चल रही है .
तकनिकी और भी बहुत से कार्य इन में शमिल है और नहीं भी है जिनका भुगतान अलग से करना पड़ता है .
अधिक जानकारी के लिए आप इन से संपर्क कर कर सकते है 
मनीष -9827186375
जय राम  - 9300669600
सचदेवा जी -9826944770

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 7

नीरज जायसवाल जी का सवाल है की उन्हें रायपुर रोड बोदरी या मंगला में से कहाँ निवेश करना चाहिए .नीरज जी वर्तमान में रतनपुर में रहते है . 
नीरज जी ज्यादातर मेने देखा है की जो लोग जिस रूट में रहते है वे उसी रूट पर निवेश करते है . जैसे की सीपत में रहने वाले मोपका , राजकिशोर नगर , सरकंडा को ज्यादा तवजो देते है . अकलतरा ,मस्तुरी के लोग अपनी बिलासपुर में आवासीय आवश्यकता की पूर्ति के लिए देवरी खुर्द ,हेमुनगर,राजकिशोर नगर पर ज्यादा निर्भर रहते है या फिर शहर के केंद्र पर रहना पसंद करते है 
ठीक वसे ही मुंगेली ,कोटा , तखतपुर में रहने वाले मंगला, नर्मदा नगर , रिग रोड २ को ज्यादा महत्व देते है 

नीरज जी रायपुर रोड और मंगला में से मेरे हिसाब से आप के लिए मंगला बेहतर होगा क्योकि कोनी बाई पास से आप को मंगला रतनपुर से काफी पास पड़ेगा और . मंगला से कुछ दूर पर ही कोनी में केन्द्रीय विश्व विद्यालय के कारण यह एरिया धीरे धीरे एजुकेशन हब बनता जा रहा है .और यदि आप मकान लेते है तो आप को वर्तमान में रेंटल इनकम भी मिल सकती है . रायपुर रोड में शायद कुछ समय लगे .
 रायपुर रोड में तिफरा के बाद एक विशेष वर्ग के निवेशक ज्यादा है जबकि मंगला में मिश्रित है .मंगला में जो माल  बन रहा है उसके आस पास का एरिया काफी डेवलप हो रहा है .कनेक्टिविट भी अच्छी है और अरपा विकास प्रोजेक्ट चालू होने के बाद इस एरिया का डेवलपमेंट बहुत होगा और रिटर्न भी बढ़िया मिलने की सम्भावनाये है . मंगला का वाटर लेवल भी बढ़िया है . तो मुझे लगता है की आप को मंगला में भविष्य की  बेहतर सम्भवनाये नजर अंदाज नहीं करनी चाहिए 

Wednesday, April 6, 2011

बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट के सवाल जवाब भाग 6

विजय जी और संध्या जी पति -पत्नी  दोनों ही मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करते है  और वे छुट्टियों में बिलासपुर आया करते है . इन्होने बंगलौर में भी प्रॉपर्टी पर निवेश किया है , और उनका  खुद का मकान बिलासपुर में भी है . और अब यह बिलासपुर में प्रोपर्टी पर निवेश करना चाहते है . उनका बजट  करीब 15 लाख था का है उन्होंने मुझसे सलाह मांगी  है की उन्हें किस तरह की प्रोपर्टी पर और कहा  निवेश करना चाहिए 

जवाब - विनय जी का बंगलौर और बिलासपुर में खुद का मकान भी है और आप दोनों प्राइवेट सेक्टर में काम करते है . तो मेरे हिसाब से आप को ऐसी सम्पत्ति में निवेश करना चाहिए जिसे आप को मासिक इन्कम होती रहे  इस के लिए आप को बिलासपुर में कमर्शियल स्पसे में निवेश करना बेहतर रहेगा और आप के बजट 15 लाख में आप को बहुत से आप्शन बिलासपुर में शहर से लगे निर्माणाधीन काम्प्लेक्सो में मिल जायेंगे . कोशिश  करिए की आप 2 या 3 फ्लोर में स्पेस देखे हो सकता है की अभी आप को आप के बजट के हिसाब से शहर के  बिच में शायद ऐसा स्पसे न मिले पर आप यदि शहर से लगी हुई कालोनियों के आसपास  आप को इस बजट में करीब 600 वर्ग फुट के स्पसे मिल जायेंगे .
आप को इस बजट में व्यापर विहार में भी व्यावसायिक  प्लाट मिल सकता है . जो की आने वाले समय के हिसाब से बिलासपुर शहर के बीचो बिच का होगा . कहने का मतलब यह है की आप कमर्शियल प्रोपर्टी पर निवेश करे जिस से आप को एक निश्चित सालाना  आय होती रहेगी . क्योकि  आप प्राइवेट सेक्टर में और यह सेक्टर नौकरियों  के मामले में अनिश्चित्ताओ से भरा हुआ है  . हाल ही में यह बात सामने भी आई है .
आप रायपुर रोड ,राजकिशोर नगर , उस्लापुर , तोरवा देवरीखुर्द ,   कोनी  के आस पास निवेश करने की सोचे मुझे लगता है की ये भविष्य के बेहतर निवेश स्थान साबित होंगे 

Monday, April 4, 2011

Bilaspur Property Samachar

बिलासपुर की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की दर में काफी वृद्धि हुई है . ...मुझे ऐसा लगता है की इस के परिणाम से प्रॉपर्टी की कीमते कुछ कम होंगी ..कारण यह है की पहले निवेशक रजिस्ट्री की कीमतों को नजर अंदाज करते थे परन्तु अब जो रजिस्ट्री की दर में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है उससे प्रोपर्टी की कीमते कम होना चाहिए 

फ़िलहाल जिला पंजीयक बिलासपुर में नई गाइड लाइन के अनुसार 1 अप्रेल से बढ़ी हुई दर पर रजिस्ट्री होगी
बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट में अभी कोई बुलबुला नहीं दिखाई दे रहा है जिसे की प्रॉपर्टी की कीमते बढे ऐसा कोई  ट्रेंड भी नहीं दिख रहा है जिसके पीछे निवेशक भागे .अलबता ऐसा लग रहा है की  रजिस्ट्री की दर में 20 से 25 प्रतिशत से एक ट्रेंड पैदा होगा जो की  प्रॉपर्टी की बढती हुई  कीमतों पर  लगाम लगाएगा .
 इस के कुछ करण भी मुझे दिखाई दे रहे है उनमे से  एक कारण यह भी है की  रीयल एस्टेट की इकोनॉमी ह्यूमन बिहेवियर पर आधारित होती है . और अभी जो वर्तमान में प्रॉपर्टी की शोर्ट टर्म की खरीदी और बिक्री का ट्रेंड चल रहा है उसमे कुछ निवेशको को कम मुनाफा और कुछ को नुकसान उठाना भी पड़ा है और यह अभी सुधरने वाला नहीं है ... ऐसा भी लग रहा है की वास्तविक खरीदार भी अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की बड़ी हुई दर को नजर अंदाज नहीं करेगे .मेरा मानना है की  प्रॉपर्टी की खरीदी में खरीदार कीमतों में कमी चाहेंगे और प्रॉपर्टी सौदों में बारगेनिंग भी ज्यादा होने की सम्भावनाये बढ जाएगी और पलड़ा खरीदार के पक्ष में रहेगा 

एक कारण यह भी है की होउसिंग सेक्टर को इस बजट में कोई विशेष रहत नहीं मिली है . बिल्डर और डेवलपर के ऊपर टैक्स का बोझ भी दिन प्रति दिन बढता ही जरा है तो जाहिर सी बात है की बिल्डर और डेवलपर टैक्स के बोझ को प्रोपर्टी के निवेशको पर ही डालेंगे ..ऐसा लगता है की इस सेक्टर में मई के बाद से उठाव आने की संभावना है 

मुझे बिलासपुर के प्रॉपर्टी मार्केट की चाल के अनुसार ऐसा लगता है की कमर्शियल प्रॉपर्टी  के वास्तविक निवेशक अभी भी कमर्शियल प्रॉपर्टी से दूर है ज्यादा तर शोर्ट टर्म के निवेशक ही इस सेक्टर में जमे हुए है जिसके कारण कमर्शियल प्रॉपर्टी  में  बिलासपुर के व्यापर के अनुसार रेट काफी ऊँचे है . इस से ऐसा लगता है की इस सेक्टर में भी रफ़्तार सामान्य रहने की उम्मीद है .और इस सेक्टर में भी बिकवाली ज्यादा नजर आ रही है .

फ़िलहाल अभी तो मुझे प्राईम लोकेश को कुछ खास जगहों की प्रोपर्टी को छोड़ कर ज्यादा कही डिमांड नहीं दिख रही है. लेकिन यह भी सच है की  प्रॉपर्टी  मार्केट हमेशा एक सी चाल नहीं चलता है उतार चढाव चलते रहता है और मेरा यह मत भी है की जून के बाद से यह अपनी रफ़्तार पकड़ेगा