Friday, April 22, 2011

property investment tips

यदि आप को आप के मन मुताबिक प्लाट नहीं मिल रहा है और आप प्रॉपर्टी लेना ही चाहते है तो कोई भी शहर के नजदीक के ग्रामीण रेलवे स्टेशन के सामने खेत या जमीन लेने से यह आप के फार्म हाउस और भविष्य के सोना उगलने वाली प्रॉपर्टी से कम नहीं होगा जब शहर बढ़ेंगे तब इन शहर के नजदीक के ग्रामीण रेलवे स्टेशन के आसपास काफी हलचल होगी . यहाँ पर डबल कनेक्टीविटी फेक्टर होगा और यही फेक्टर रियल स्टेट की जान है  कहने का अर्थ यह है की इन शहर से लगे ग्रामीण इलाको के रेलवे स्टेशन भविष्य के  उप नगरीय  रेल शहर होंगे  जहाँ  पर मजदुर , शिक्षक ,विद्यार्थी , माध्यम वर्गीय नौकरी  पेशा व्यवसायी  और भी  लोग रहने जो ग्रामीण इलाको को छोड़ कर रोजगार की तलाश  में बड़े और माध्यम वर्ग  के शहरों की और आयेंगे . 
 आने वाले कुछ 5 से 10 सालो के बाद इन बड़े और माध्यम वर्ग  के शहरो में प्रॉपर्टी के दाम बहुत बाद चुके होंगे . और शहर की प्रॉपर्टी इस वर्ग से दूर होगी . तब यह वर्ग ग्रामीण इलाको के रेलवे स्टेशन से लगे इलाको में रहने के लिए आयेगे और इन के पीछे व्यवसायिक गतिविधिया या बाजार भी आएगा . बेहतर सड़क और रेल संपर्क होने से इन जगहों की डिमांड भविष्य में बढ़ने की सम्भावनाये ज्यादा होंगी .और फार्म हाउस से सालाना आय की गुंजाईश भी रहेगी .और वर्तमान में किये गए निवेश का प्रतिफल शानदार नतीजे देने वाला होगा .
उदाहरण के लिए 15 साल पहले मुंबई .नासिक ,पुणे ,नागपुर ,इलाहबाद लखनऊ ,अहमदाबाद , भोपाल से लगे ग्रामीण रेलवे स्टेशन के  इलाके जो अब उप नगरीय की नगर की श्रेणी में आते है .
मैं आपने शहर बिलासपुर की बात करू तो उस्लापुर और चकरभाटा , रायपुर का सरस्वती नगर , नागपुर का कामठी , कलामना , इतवारी ,अजनी आदि ऐसे बहुत से  उदाहरण आप को रेल यात्रा के दौरान बड़े या माध्यम शहर के आने के पहले छोटे छोटे रेल स्टेशन को देखने से मिल जायेंगे . 

1 comment:

khamhan said...

bhaiya bahut shandar jankariya hai

mujhe bilaspur me 10 lakh tak ki jamin khridni hai main kaha khridu